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मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ शासन के खिलाफ नारेबाजी करने अस्पताल से बाहर निकले डॉक्टर, आज भिलाई बंद का आव्हान

सेक्टर 9 के ब्लड बैंक का लाइसेंस निलंबित करने के विरोध में अब अस्पताल प्रबंधन सीधे शासन के खिलाफ खड़ा हो गया है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

May 09, 2018

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भिलाई. पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र सेक्टर 9 के ब्लड बैंक का लाइसेंस निलंबित करने के विरोध में अब अस्पताल प्रबंधन सीधे शासन के खिलाफ खड़ा हो गया है। मंगलवार को चौथे पूरा अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर्स, नर्सेस, मेडिकल व मैनेजेरियल स्टाफ मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ शासन के खिलाफ नारेबाजी करने अस्पताल से बाहर निकल गए। वे करीब आधे घंटे तक शासन को कोसते रहे।

इसके बाद विरोध स्वरूप काली पट्टी लगाकार काम पर लौटे। इधर मरीजों को लौटाने और जबरन छुट्टी देने का सिलसिला जारी रहा। आईसीयू में भर्ती दो गंभीर मरीजों की छुट्टी कर दी। कई लोगों को केजुअल्टी से लौटा दिए। सुबह लगभग साढ़े दस बजे पूरा अस्पताल स्टाफ संयंत्र के प्रभारी निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. कलानंद ठाकुर के नेतृत्व में केजुअल्टी के सामने इक_ा हुआ।

प्रदर्शन आधे घंटे का रहा, लेकिन सुबह से ही अस्पताल में विरोध का पूरा माहौल होने के कारण चिकित्सा सेवाओं पर इसका असर पड़ा। वार्डों में भर्ती मरीज अपनी तकलीफ बताने डॉक्टर के राउंड में आने का इंतजार करते रहे। ओपीडी में भी अलसुबह से नंबर लगाने वालों को बेवजह लंबा इंतजार करना पड़ा। केजुअल्टी में भी भी कुछ देर के लिए मरीज भगवान भरोसे रहे।

....तो लाइसेंस कैसे रिनुअल कर दिए
डॉक्टरों ने छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्लड बैंक की लाइसेंस अगस्त 2017 में ही रिनुअल किया गया। अगर खामियां थी तो लाइसेंस रिन्यु नहीं करना था। जहां तक कथित संक्रमित खून चढ़ाने की शिकायत है, छत्तीसगढ़ में ऐसे साढ़े तीन सौ से भी अधिक केस सामने आए हैं, शासन ने अब तक किसके खिलाफ कार्रवाई की?

आज भिलाई बंद का आव्हान...
टाउनशिप का आधा मार्केट वैसे ही बंद रहा है
बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन और कर्मचारी यूनियनों की संयुक्त संघर्ष समिति ने ब्लड बैंक को सील करने के विरोध में बुधवार को भिलाई बंद करने का ऐलान किया है। इस दिन सेक्टर-6 के सभी आधा दर्जन मार्केट ए से एफ तक बंद रहते ही हैं। व्यापारिक एवं अन्य किसी भी संगठन ने बंद का पूर्ण समर्थन नहीं करते हुए लोगों की मर्जी पर छोड़ दिया है।

दो गंभीर मरीजों रेफर
डॉक्टरों ने दो गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। गहन चिकित्सा कक्ष के एच १ में भर्ती रीता राजन और बी १ में भर्ती कुंती साहू को दूसरे अस्पताल में ले जाने कहा। आईसीयू १२ में और सीसीयु में ६ मरीज की भर्ती थे। पूरा प्रबंधन केवल शासन के विरोध में लगा हुआ है। खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग और नेशनल एड्स कंट्रोल की जांच कमेटी द्वारा गिनाई गई खामियां कब तक दूर होंगी, इस पर कोई बात नहीं हो रही है। अस्पताल के जिन लोगों के कारण यकह नौबत आई है उन पर न कोई जवाबदेही तय की जा रही है और न ही कार्रवाई।

कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने बताया कि सेक्टर-9 के ब्लड बैंक को बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर व स्वास्थ्य सचिव से चर्चा की जा रही है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। बीएसपी सीईओ एम रवि ने बताया कि यह संवेदनशील मामला है। व्यवस्था जस की तस है। कब तक सुधरेगी। यह मैं नहीं बता सकता।

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