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देव स्नान पूर्णिमा: 108 घड़ों के जल से शाही स्नान करेंगे भगवान महाप्रभु, 15 दिन बाद देंगे दर्शन

जेठ माह के आखिरी दिन यानी देव स्नान पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र बहन सुभद्रा के साथ शाही स्नान करेंगे।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 28 Jun 2018, 12:12 PM IST

Dharma-Karma

देव स्नान पूर्णिमा: 108 घड़ों के जल से शाही स्नान करेंगे भगवान महाप्रभु, 15 दिन बाद देंगे दर्शन

भिलाई. जेठ माह के आखिरी दिन यानी देव स्नान पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र बहन सुभद्रा के साथ शाही स्नान करेंगे। 28 जून को देव स्नान पूर्णिमा के लिए शहर के जगन्नाथ मंदिरों में विशेष तैयारी की गई है। जहां महाप्रभु को 108 घड़ों के जल से स्नान कराया जाएगा। उत्कल सांस्कृतिक परिषद श्री श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-6 गुरुवार की सुबह 9 बजे से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की स्नान यात्रा का आयोजन करेगा। वहीं सेक्टर 4 स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी यह सारी विधियां होंगी।

गाजे-बाजे के साथ आएंगे स्नान मंडप
स्नान पूर्णिमा के मौके पर सेक्टर-6 मंदिर में सुबह 9.00 बजे मृदंग, शंख एवं वाद्य यंत्रों एवं मंत्रोच्चारण के साथ विग्रहों को रत्न सिंहासन से उठाकर स्नान मंडप तक लाया जाएगा। स्नान मंडप में 108 घड़ों के जल से भक्त भगवान को स्नान कराएंगे। रथ यात्रा से पूर्व यह पहला अवसर होगा, जब भक्त भगवान से सीधे साक्षात् हो सकेंगे। स्नान के बाद भगवान को सादे वस्त्र पहनाए जाएंगे एवं नित्य भोग लगाया जाएगा। विश्राम के बाद भगवान गजानंन वेश में दर्शन देंगे। इस अवसर पर शाम 4.00 बजे से मंदिर में सुन्दर काण्ड का पाठ होगा। संध्या आरती के बाद भगवान अणसर भवन में चले जाएंगे। मान्यता है कि अधिक स्नान से भगवान बीमार पड़ जाते हंै और अणसर में स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। इस समय भगवान मंदिर में दर्शन नहीं देते। रथ यात्रा के एक दिन पूर्व नेत्र उत्सव होगा। जिसमें स्वास्थ्य होकर भगवान भक्तों को नवयौवन दर्शन देगें और उसके बाद रथ यात्रा के लिए तैयार हो जाएंगे।

इंद्रद्युमन ने मनाया था स्नान उत्सव
स्नान यात्रा का उल्लेख स्कन्ध पुराण में मिलता है। इसके अनुसार काष्ठविग्रह की स्थापना पुरी के जगन्नाथ मंदिर में किए जाने के बाद सर्वप्रथम राजा इन्द्रद्युम्न ने स्नान यात्रा का आयोजना किया। तब से यह पर्व मनाया जा रहा है।

सजने लगे गुंडिचा मंडप
महाप्रभु की रथयात्रा से 15 दिन पहले शहर में गुंडिचा पंडाल सजने लगे हैं। सेक्टर 10 और सेक्टर 6 में रथयात्रा के बाद महाप्रभु अपने मौसी के घर यानी गुंडिचा मंडप में विराजेंगे।