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पांच साल देने के बाद माली की बेटी का इंडियन हॉकी एडेकमी तक पहुंचने का सपना हुआ सच

लोगों के घर के गार्डन में माली का काम करने वाले साबा मेहतो की जिंदगी भी अब गुलजार होगी। क्योंकि बेटी अंजलि उनके सपनों को साकार करेगी
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 26 Jul 2018, 11:40 AM IST

Bhilai sports

पांच साल देने के बाद माली की बेटी का इंडियन हॉकी एडेकमी तक पहुंचने का सपना हुआ सच

भिलाई. लोगों के घर के गार्डन में माली का काम करने वाले साबा मेहतो की जिंदगी भी अब गुलजार होगी। क्योंकि बेटी अंजलि उनके सपनों को साकार करेगी। अंजलि का चयन खेलो इंडिया स्कीम के तहत हॉकी के लिए हुआ है। अंजलि देश की सबसे बड़ी हॉकी एकेडमी मेजर ध्यानचंद एकेडमी में प्रशिक्षण लेगी। इंडियन हॉकी एडेकमी तक पहुंचने के सपने को पूरा करने अंजलि ने अपनी जिंदगी के पांच साल हॉकी को दिए।

पहले से ही भारत की वरियता प्राप्त खिलाड़ी

छत्तीसगढ़ स्कूल हॉकी टीम की कप्तान रहकर नेशनल में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद उसे खेलो इंडिया में अपने टैलेंट दिखाने का मौका कुछ महीने पहले मिला था। कोच तनवीर अकील बताते हैं कि पूरे प्रदेश में छह खिलाडिय़ों का चयन इस योजना के तहत हुआ है। जिसमें दुर्ग जिले से दो खिलाड़ी शामिल है। दूसरी खिलाड़ी बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षि कश्यप है जो पहले से ही भारत की वरियता प्राप्त खिलाड़ी है।

अंजलि की इस उपलब्धि पर डीईओ आशुतोष चावरे सहित डीएसओ तनवीर अकील प्राचार्या मधुलिका तिवारी सहित सभी अधिकारियों ने अंजलि का कार्यालय में सम्मान किया। डीईओ चावरे ने कहा कि अंजलि जिले के दूसरे खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। उन्हें उम्मीद है कि अपने बेहतर खेल से वे जिले सहित देश का भी नाम रोशन करेगी।

सिर्फ हॉकी का देखा सपना
अंजलि बताती है कि आदर्श कन्या स्कूल में वह जब पांचवी में पढ़ रही थी,तब पीटीआई ने क्लास में आकर खेलने में रूचि रखने वाली छात्राओं को बुलाया। तब उसने सोचा कि वह भी खेलेगी और चली गई। फिर धीरे-धीरे खेल को सीखा तो कोच तनवीर अकील ने उसे आगे की ट्रेनिंग दी। कोच तनवीर ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अंजलि को डाइट की भी दिक्तत आई पर उसने परिस्थितियों से लड़कर खुद को मजबूत किया। स्कूल गेम के अलावा ओपन गेम में भी अंजलि का टैलेंट उभर कर आया।

सालभर की ट्रेनिंग
खेल एवं युवा मंत्रालय अब अंजलि के खेल को निखारने सालभर में पांच लाख रुपए खर्च करेगा। इसमें खेल के साथ ही उसकी बेहतर डाइट, जरूरत का सामान, पढ़ाई की कोचिंग आदि सब शामिल होगा। अंजलि केवल परीक्षा देने ही दुर्ग वापस आएगी। अगर उसका खेल बेहतर रहा तो उसका प्रशिक्षण चार साल तक जारी रहेगा।

आकर्षि का हुआ चयन
बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षि कश्यप का भी चयन खेलो इंडिया योजना में हुआ है। आकर्षि इन दिनों बंगलुरु स्थित गोपीचंद कुलेला एकेडमी में प्रशिक्षण ले रही है। इस योजना के तहत उसे इसी अकादमी में भेजा जा रहा है।