
मुस्लिम समुदाय के युवा भी गरीबों के घर जाकर राशन पहुंचा रहे,मदद पहुंचाने सिख समाज भी अपना योगदान दे रहा
भिलाई. कोरोना वायरस की महामारी को लेकर हुए लॉक डाउन के बाद जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने मिनी इंडिया में सिख और मुस्लिम समाज अपनी-अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। दुर्ग से लेकर भिलाई के गुरुद्वारा में लंगर तैयार कर भूखों को भोजन कराया जा रहा है तो दुर्ग में मुस्लिम समुदाय के युवा भी गरीबों के घर जाकर राशन पहुंचा रहे हैं ताकि कोई भूखा ना सोए। इतना ही नहीं महिलाएं भी इस नेक कार्य में अपना हाथ बंटा रही है। भिलाई के कई स्वसहायता समूह की महिलाएं भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रही है।
कैंप गुरुद्वारे में तैयार हो रहा लंगर
घर से दूर और जरूरतमंदों को मदद पहुंचाने सिख समाज भी अपना योगदान दे रहा है। कैंप-1 स्थित गुरुद्वारा में दो दिनों से लगातार करीब 5 सौ लोगों के लिए लंगर तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के पदाधिकारी पुलिस के साथ मिलकर लोगों तक इस लंगर को पहुंचा रहे है। पंचायत के महासचिव गुरनाम सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से गुरुद्वारे में लंगर तैयार किया जा रहा है। ताकि लोग भूखे न रहे। उन्होंने बताया कि रोजाना सुबह 11 बजे से लंगर तैयार कर दिया जाता है। इसी बीच पुलिस के जवान उन्हें जो एड्रस देते हैं वहां जाकर उनकी टीम भोजन पहुंचा रही है। इसी तरह दुर्ग के गुरुद्वारों में भी लंगर के जरिए जरूरतमंदों की सेवा की जा रही है।
तकियापारा में मुस्लिम युवाओं की पहल
तकियापारा के मुस्लिम कम्युनिटी हॉल में पार्षद एवं एमआईसी सदस्य अब्दुल गनी के नेतृत्व में युवा लोगों की मदद के लिए आगे आए। पिछले दो दिनों से यहां करीब 8 मुस्लिम युवा दिनभर राशन के पैकेट बनाकर उसे शाम को गरीबों के घर-घर जाकर बांट रहे। पार्षद अब्दुल गनी ने बताया कि कई घर ऐसे है जो मजदूरी कर अपना घर चलाते हैं।उनके घरों में दो दिन का राशन भी नहीं। इसलिए उन्होंने राशन देने की शुरुआत की।इसमें कई लोग आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं। जरूरतमंदों को 5 किलो चावल, एक किलो आटा, एक किलो शक्कर, एक किलो तेल, एक किलो दाल, एक किलो आलू और प्याज और मसाले के पैकेट दिए जा रहे हैं। साथ ही उनका यह राशन खत्म होने पर वे दोबारा उनके घर मदद को जाएंगे।
नारी शक्ति समिति ने दिया राशन
कैंप-1 स्थित स्व सहायता समूह नारी शक्ति समिति ने पांच परिवारों को राशन दिया। समिति की अध्यक्ष पोलम्मा ने बताया कि उनके मोहल्ले में कुछ परिवार के घर बिल्कुल भी अनाज नहीं था। ऐसे में उन्होंने प्रत्येक परिवार को10-10 किलो चावल के साथ कुछ अन्य सामग्री भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि समिति के सभी सदस्य मिलकर संकल्पित है कि उनके आसपास कोई भी परिवार भूख से परेशान नहीं होगा। वे किसी न किसी तरह सभी की मदद करेंगी।
Published on:
29 Mar 2020, 8:50 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.