
बीज कंपनी के मायाजाल में फंसे किसान, कर्ज लेकर खेती की, बर्बाद फसल से परिवार की उम्मीदों पर फिर गया पानी
भिलाई. धमधा ब्लॉक के 253 किसानों ने बड़ी उम्मीद से हाइब्रिड धान नर-नारी (Nar Nari Paddy) की खेती की थी। कोई अपने बच्चे को नौकरी के लिए अच्छी कोचिंग कराना चाहते था, तो कोई बेटी की शादी करने की तैयारी कर रहा था। किसी के मकान बनाने की योजना थी तो कोई अपनी खेती को और उन्नत व समृद्ध करना चाहते था। नर-नारी धान की खेती चौपट होने से उनकी सारी उम्मीदें धरी की धरी रह गई। कर्ज के तले दबे किसानों को अब खरीफ फसल की खेती की चिंता सता रही है।
धमधा ब्लॉक में 253 किसानों ने बीज उत्पादन करने वाली बायर सीड प्रोडक्शन कंपनी के निर्देशन में 1200 एकड़ में हाइब्रिड नर-नारी धान की खेती की थी। कंपनी की लापरवाही की वजह से फसल चौपट हो गई। धान में बालियां तो आई, लेकिन दाना नहीं के बराबर आए। दवाई, खाद, रोपाई, निदाई, हार्वेस्टर से खेत की कटाई के लिए किसानों ने कर्ज लिया था। कंपनी के झांसे में आए किसानों ने अच्छा-खासा मुनाफा होने की उम्मीद में अपनों के लिए कई सपने तक संजो डाले थे। ख्वाब तो अधूरे रह ही गए ऊपर से किसान कर्ज के बोझ से और लद गए हैं। अब उन्हें ं बारिश फसल की खेती करने में मुश्किल होगी। इसकी लिए सोसाइटी या फिर साहूकारों से महंगे ब्याज दर पर फिर कर्ज लेना होगा।
बेटे को एसएससी की कोचिंग के लिए शहर भेजना चाहता था संजय
ग्राम अरसी के किसान संजय वर्मा ने बताया कि कंपनी के झांसे में आकर साढ़े सात एकड़ में नर-नारी धान की खेती की थी। इसके लिए 90 हजार रुपए कर्ज लेकर खेत में बोर खुदवाया और मोटर पंप लगवाया। इसके अलावा धान की खेती में प्रति एकड़ 25 से 30 हजार रुपए खर्च अलग हुआ। करीब 1 लाख 75 हजार रुपए की लागत आई। सोचा था कि फसल से अच्छी- खासी कमाई हो जाएगी तो अपने बेटे को एसएससी की कोचिंग के लिए शहर भेजूंगा। अब बहुत मुश्किल हो रहा है।
2. अगस्त में बच्ची की शादी करना चाहता था
ग्राम चीचा के किसान नरोत्तम वर्मा ने बताया कि 4 एकड़ में नर-नारी धान की खेती की। चने की फसल से हुई आमदनी का पूरा पैसा लगा दिया। यह सोचकर कि नर नारी धान की पैदावार गारंटी के साथ अच्छी हो जाएगी। लेकिन खेती पूरी चौपट हो गई। इस फसल की कमाई से अगस्त में बेटी की शादी करने की योजना थी। फसल नहीं हुई तो बेटी की शादी कैंसिल करने की नौबत आ गई है।
3. केला और पपीता की खेती के लिए अब पैसा नहीं
ग्राम अरसी के किसान पवन शर्मा ने बताया कि एक लाख रुपए की लागत से नर नारी धान की 4 एकड़ में खेती की। यूरिया, डीएपी, सल्फर, पोटाश जैसी खाद में पैसा खर्च हो गया। कटाई मिंजाई भी अपने पैसे से करवाया, लेकिन पैदावार कुछ नहीं हुई। नर-नारी धान जो आमदनी होती उससे आगे केला, पपीता की खेती करने की योजना बनाई थी। अब मुश्किल हो जाएगा।
4. मैं तो पूरा लूट गया, क्या करूं कुछ समझ नहीं आ रहा है
ग्राम चीचा के किसान नारायण वर्मा ने बताया कि साढ़े तीन एकड़ में नर- नारी धान की खेती की। पहले साल नारी धान की फसल बहुच अच्छी हुई थी। कंपनी की लालच में आकर खेती करा लिया। कर्ज इस उम्मीद से लिया था कि पैदावार होगी तो उससे चुका दूंगा। मैं तो पूरा लूट गया। हार्वेस्टर से कटाई का 2300 प्रति एकड़ के हिसाब से पैसा नहीं दे सका हूं। बच्चे 10वीं और 11वीं की पढाई कर रहे है। क्या करूं कुछ समझ नहीं आ रहा है।
5. नया मकान बनाने की योजना धरी की धरी रह गई
ग्राम रहटादाह के किसान प्रकाश सिंह ने बताया कि नर-नारी धान फसल की खेती 6 एकड़ में की थी। कंपनी के झांसे में आकर यह खेती पहली बार की। 6500 रुपए प्रति क्विंटल की कंपनी ने गारंटी दी थी। उम्मीद थी कि पैदावार होगी। करीब 2 लाख रुपए पैसा फंसा दिया। मकान पुराना हो गया है। इस बार मकान बनाने का सोचा था, फसल नहीं होने से योजना धरी की धरी रह गई।
Published on:
27 May 2021 02:12 pm
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