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छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में बड़े आंदोलन की तैयारी : दीवारों पर लिखा गया है बिना भुगतान-नहीं होगा मतदान, पढ़ें खबर

चिटफंड के पीडि़त कार्यकर्ता व निवेशकों द्वारा राजनांदगांव से शुरू किया गया आंदोलन पूरे प्रदेेशभर मे आग की तरह फैल रहा है।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 25 Jul 2018, 12:33 AM IST

Rajnandgaon patrika

छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में बड़े आंदोलन की तैयारी : दीवारों पर लिखा गया है बिना भुगतान-नहीं होगा मतदान

राजनांदगांव. चिटफंड के पीडि़त कार्यकर्ता व निवेशकों द्वारा राजनांदगांव से शुरू किया गया आंदोलन पूरे प्रदेेशभर मे आग की तरह फैल रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामले में पीडि़तों की संख्या कितनी है और लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति कितना रोष है। यहां से शुरू हुआ आंदोलन बहुत बड़ा रूप लेने वाला है।

लगातार अर्जियों के बावजूद सरकार भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया

आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने वालों की मानें तो प्रदेश के 15 जिलों के सात सौ दीवारों पर 'बिना भुगतान, नहीं होगा मतदानÓ का स्लोगन लिखा जा चुका है। पीडि़तों का कहना है, कि चिटफंड कंपनियों ने तो, उन्हें ठगा ही, लेकिन लगातार अर्जियों के बावजूद सरकार भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया है। वहीं विपक्ष में बैठे कांग्रेसी भी मामले को विधानसभा में प्रमुखता से नहीं उठा पाए।
मामले में लगातार प्रदर्शन कर रही छत्तीसगढ़ नागरिक अधिकार समिति के महासचिव शुभम साहू ने बताया कि 31 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों में फिर से प्रदर्शन कर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

राजनांदगांव से शुरू हुआ अभियान पूरे प्रदेश में फैल गया

उन्होंने बताया कि राजनांदगांव से शुरू हुआ अभियान पूरे प्रदेश में फैल गया है। बिलासपुर, कोरबा, कांकेर, रायपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद और सरगुजा समेत प्रदेश के १५ जिलों में दीवार लेखन किया जा चुका है। इसके अलावा पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। 31 जुलाई के आंदोलन के बाद अगर सरकार ने कोई ठोस कदम उठाकर पीडि़तों को उनका पैसा वापस नहीं दिलवाया, तो प्रदेश भर में विधानसभा चुनाव बहिष्कार के लिए आंदोलन चलाया जाएगा।

शासन-प्रशासन में मचा है हड़कंप
'पत्रिकाÓ में दीवार लेखन मामले का खुलासा होने के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस व जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय होकर ऐसे गांवों में पहुंच रही है, जहां दीवार लेखन हुआ है। यहां ग्रामीणों से पूछताछ के बाद कार्यकर्ता व निवेशकों को थाने बुलाकर समझाइश दी जा रही है, कि इस तरह से सार्वजनिक रूप से मतदान नहीं करने का स्लोगन न लिखा जाए।

दीवार लेखन नहीं करने की समझाइश
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मंगलवार को लालबाग पुलिस ने दीवार लेखन करने वाले कार्यकर्ताओं को थाने बुलाकर पूछताछ की है। दीवार में लिखे स्लोगन को मिटाने और इसके बाद इस तरह से दीवार लेखन नहीं करने की समझाइश दी गई है। वहीं सोमवार रात को सोमनी थानेे में क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को थाने बुलाया गया था।

50 से अधिक लोग मामले में आत्महत्या

समिति के महासचिव शुभम साहू ने कहा कि प्रदेशभर में करीब 50 से अधिक लोग मामले में आत्महत्या कर चुके हैं। प्रदेश के ७० फीसदी लोगों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन कंपनियों में रुपए फंसा है। यह एक गैर राजनीतिक आंदोलन है, जो लगातार जारी रहेगा। ३१ जुलाई को जिला मुख्यालयों में फिर प्रदर्शन किया जाएगा।

चिटफंड मामलेे लगातार कार्रवाई
एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि सार्वजनिक रूप से मतदान नहीं करने की सूचना लिखना गलत है। उन्हें समझाइश दी गई है। चिटफंड मामलेे लगातार कार्रवाई की जा रही हैै। कुछ संपतियां भी अटैच की गई है। मामले को लेकर बैठक की जा रही है। इसमें कुछ निष्कर्ष निकाला जाएगा।