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आरटीइ के सॉफ्टवेयर में दिक्कत : प्रथम चरण की लॉटरी अमान्य, दूसरे राउंड पर रोक

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत २ मई को निकाली गई लॉटरी अब मान्य नहीं होगी। दूसरे चरण की लॉटरी पर भी रोक लगा दी गई है।

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भिलाई

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Bhuwan Sahu

May 04, 2019

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आरटीइ के सॉफ्टवेयर में दिक्कत : प्रथम चरण की लॉटरी अमान्य, दूसरे राउंड पर रोक

भिलाई. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत २ मई को निकाली गई लॉटरी अब मान्य नहीं होगी। इसी तरह दूसरे चरण की लॉटरी पर भी रोक लगा दी गई है। स्कूल शिक्षा संचालनालय ने इस साल आरटीइ के आवेदकों को प्रवेश देने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर बेस्ट लॉटरी सिस्टम तैयार किया था, जिसमें सॉफ्टवेयर में दगा दे दिया। संचालनालय के इस बारे में जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया है कि जब तक सॉफ्टवेयर को सुधार नहीं लिया जाता, तब तक लॉटरी की प्रक्रिया पूरी न करें। पहले जिन बच्चों के नाम लॉटरी में शामिल किए गए, वे भी अब मान्य नहीं होंगे। विभाग ने यह इसलिए कहा है कि क्योंकि पहले चरण की लांॅटरी में जिन बच्चे के नाम थे, वे कुछ ही घंटों में बदल गए। सॉफ्टवेयर ने उन स्कूलों को भी लॉटरी में शामिल कर लिया, जहां सीट और उसमें आवेदन एक बराबर थे, यानि यहां लॉटरी करने की नौबत ही नहीं आई, उनमें भी आवेदकों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई।

बंद किया आरटीइ का पोर्टल

संचालनालय ने फिलहाल आरटीइ के पोर्टल को बंद कर दिया है। जिला शिक्षा विभाग को आगामी आदेश तक कोई कार्रवाही नहीं करने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि संचालनालय सॉफ्टवेयर को नए सिरे से तैयार कराने के बाद ही लॉटरी दोबारा से शुरू कराएगा, इसमें अब और कितना समय लगेगा, इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। संचालनालय ने पहली बार सॉफ्टवेयर के जरिए लॉटरी निकालने की व्यवस्था की थी, जिसमें बुरी तरह से फेल हो गए। इससे पालक और बच्चों का बड़ा नुकसान हुआ।

1575 बच्चे सीधे हुए प्रभावित

पहले चरण की लॉटरी में १५७५ बच्चों के प्रवेश लॉटरी से निकाले गए थे। इतनी बड़ी संख्या में बच्चे परेशान हुए। अब यह जरूरी नहीं है कि सॉफ्टवेयर में सुधार के बाद इन बच्चों को उसी क्रम में प्रवेश मिलेगा या नहीं। फिलहाल तो पूरी प्रक्रिया ही स्थगित कर दी गई है।

इस तरह सॉफ्टवेयर ने दिया दगा

तकियापारा शासकीय उ.मा शाला नोडल के तहत आने वाले महावीर जैन स्कूल की 20 सीटों के लिए फस्र्ट ऑप्शन की लॉटरी हुई जिसमें पहली 20 सीटों पर बच्चों के नाम शो हो गए। जिन बच्चों के नाम आए उनके पैरेंट्स खुश हुए और नोडल ने नाम भी नोट कर लिया, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा क्लिक किया तो 11 बच्चों के नाम बदल गए और दूसरे नाम आ गए।

सहायक संचालक अमित घोष ने कहा कि आरटीइ के पोर्टल को सुधारा जा रहा है। संचालनालय ने लॉटरी पर रोक लगाई है। प्रथम चरण की लॉटरी भी अमान्य मानी जाएगी। प्रक्रिया नए सिरे से होगी। नए आदेश तक प्रक्रिया बंद करने निर्देश मिले हैं।