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छत्तीसगढ़ में रेत के दाम ने घर बनाने वालों की उड़ा दी नींद, दाम में रिकार्ड उझाल

रेत के दाम ने घर बनाने वालों की नींद उड़ा दी है। यह दिसंबर-जनवरी में रेत का अब तक का सबसे अधिक दर है। एक हजार फिट रेत की कीमत 22 हजार से अधिक हो चुकी है। वहीं रेत के दाम में इजाफा होने से निगम में सिविल वर्क का टेंडर लेने वालों के भी हाथ-पैर फूल रहे हैं। वे कार्य को कुछ वक्त के लिए रोक दिए हैं।

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भिलाई

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Abdul Salam

Jan 09, 2024

छत्तीसगढ़ में रेत के दाम ने घर बनाने वालों की उड़ा दी नींद, दाम में रिकार्ड उझाल

छत्तीसगढ़ में रेत के दाम ने घर बनाने वालों की उड़ा दी नींद, दाम में रिकार्ड उझाल

यहां से आता है रेत

दुर्ग जिला में रेत महानदी, धमतरी, राजिम, पाटन के करीब कंचना से आता है। चुनाव के बाद रेत के लेकर आने वाले वाहनों को यूनियन के माध्यम से रोका जाने लगा। अब तक यह सिलसिला जारी है। दुकानदार से लेकर ठेकेदार तक इससे परेशान हो चले हैं। अब वे रेत के दामों में कमी का इंतजार कर रहे हैं।

6 हजार तक बढ़ गए दाम

बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर विजय देवांगन ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद रेत लेकर आने वाले वाहनों को यूनियन ने रोकना शुरू किया। शिकायत मिलने के बाद रेत की आपूर्ति करने वालों ने रेट में इजाफा कर दिया है। जिला में किसी भी दिसंबर और जनवरी में रेत का रेट एक हजार फीट का करीब 14 हजार रुपए होता था। वह बढ़कर 20 हजार से अधिक हो चुके हैं।

घर बनाने वालों का बिगड़ा बजट
पीएम आवास बनाने के लिए आवेदन कर बैठे भिलाई - 3 में रहने वाले राकेश ने बताया कि निगम से अनुमति मिलने के बाद पहले बुनियाद तैयार करना है। रेत का रेट जिस तरह से बढ़ गया है। इससे घर का काम शुरू करने से पहले ही बजट बिगड़ रहा है। प्रधानमंत्री की योजना बिल्डिंग मटेरियल के पुराने दर के मुताबिक है। अचानक रेत का रेट बढ़ जाने से काम प्रभावित होगा।

बारिश में बढ़ता है दाम

रेत के बड़े सप्लायर का कहना है कि बारिश में रेत के दाम इस वजह से बढ़ जाते हैं, क्योंकि घाट में पानी आ जाता है। तब स्टॉक करके उसे बढ़े रेट पर बेचा जाता है। बारिश में कुल 10 से 15 दिनों तक यह स्थिति रहती है। इसके बाद फिर दाम कम हो जाते हैं। यहां बिना किसी सीजन के रेट आएं-बाएं बढ़ गया है।

शहर और गांव में चल रहा काम

ठेकेदार हीरालाल साहू ने बताया कि शहर के साथ-साथ गांव क्षेत्र में पीएम आवास व निजी मकान बनाने का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में बिल्डिंग मटेरियल से जुड़े कोई सामग्री का दाम बढ़ता है, तब आम लोगों को परेशानी होती है। मटेरियल समेत अगर काम ठेकेदार लेता है और रेट बढ़ जाता है, तब उसे काम पूरा करने में परेशानी हो जाती है।

3700 मकान है निर्माणाधीन

नगर निगम, भिलाई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 3700 मकान अलग-अलग क्षेत्र में निर्माणाधीन है। रेत का दाम बढ़ जाने से उनके निर्माण में भी प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार हर परिवार को अपना आशियाना मिले, इस दिशा में काम कर रही है। वहीं रेत के दाम ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।