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स्वच्छ भारत में पलीता : ग्रामीणों को भुगतान के बजाए सरपंच-सचिव ने दबा लिए अनुदान के लाखों रुपए

नगपुरा में पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत के शौचालयों की राशि में भी डंडी का खुलासा हो गया है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Apr 07, 2018

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दुर्ग . नगपुरा में पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत के शौचालयों की स्वीकृति और निर्माण में गड़बड़ी के बाद अब हितग्राहियों की राशि में भी डंडी का खुलासा हो गया है। सूचना का अधिकार के तहत मिले दस्तावेजों के मुताबिक जिला पंचायत ने नगपुरा में बनाए गए 278 शौचालयों में से 276 की पूरी राशि पंचायत को भुगतान कर दिया है, लेकिन ग्रामीणों की मानें तो करीब आधे हितग्राहियों को अब भी दूसरी किस्त की राशि नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि सरपंच व सचिव ने यह राशि हितग्राहियों को भुगतान के बजाए अपने पास दबा रखा है।


इस तरह की गई गड़बड़ी
शौचालयविहीन परिवारों के लिए सरकारी खर्च शौचालय बनवाया जाना है। इसके लिए दो किस्तों में 12 हजार रुपए अनुदान देने का प्रावधान है। पहला किस्त आधे निर्माण पर व शेष राशि शौचालय पूर्ण होने देना होता है। जिला पंचायत ने नगपुरा के केवल 2 को छोड़कर शेष 576 हितग्राहियों के लिए 12-12 हजार रुपए भुगतान दिया है, लेकिन पंचायत ने आधे लोगों को अब तक भुगतान नहीं किया है।


पहले ही खुल चुकी है यह गड़बड़ी
पहले निर्मल भारत योजना के तहत शौचालय के लिए सरकारी सहायता दी जाती थी। नियमानुसार ऐसे लोगों को दूसरी बार लाभ नहीं दिया जा सकता, लेकिन नगपुरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ऐसे कई लोगों को दोबारा राशि दे दी गई है। सूचना का अधिकार में ऐसे करीब एक दर्जन नाम सामने आएं है।


दस्तावेज मांगें तो किया आधे को भुगतान
नगपुरा के आकाश सेन, सुशील निर्मलकर, सागर साहू, पाश्र्वनाथ चौहान, राजेश यादव व विजय कुमार ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा राशि जारी कर दिए जाने की जानकारी दिए जाने पर उन्होंने पंचायत से भुगतान संबंधी दस्तावेज सूचना का अधिकार के तहत मांगें। तब करीब आधे हितग्राहियों को 3 हजार रुपए भुगतान किया गया।


ग्रामीणों ने की एडीएम से शिकायत
इधर पत्रिका द्वारा गड़बड़ी के खुलासे के बाद शुक्रवार को नगपुरा के ग्रामीणों ने कलक्टोरेट पहुंचकर मामले की एडीएम संजय अग्रवाल से शिकायत की। ग्रामीणों ने प्रमाण के रूप पत्रिका की खबर और दस्तावेज सौंपकर एडीएम से मामले की जांच की मांग की।


किसी को भी नहीं मिली पूरी राशि
शिकायतकर्ता आकाश सेन ने बताया कि शौचालयों के स्वीकृति और निर्माण में ही नहीं, भुगतान में भी गड़बड़ी की गई है। नगपुरा के किसी भी हितग्राही को पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि जिला पंचायत ने करीब दो माह पहले राशि जारी कर दी है।


गड़बड़ी मिली तो सरपंच सचिव की जिम्मेदारी
एडीएम संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों की शिकायत पर कहा कि मामला बेहद गंभीर है, इसकी जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी मिली तो सरपंच व सचिव दोनों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जो भी मामले का दोषी होगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।