22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्रमिक का बेटा शुभम प्रावीण्य सूची में तृतीय स्थान पर, बनना चाहता है आईएएस

रामनगर हर कोई इस बात की चर्चा कर रहा है कि गुप्ता जी के बेटे शुभम गुप्ता ने 12वीं के नतीजों में तृतीय स्थान हासिल किया है।

2 min read
Google source verification
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल

भिलाई. रामनगर के नौ खोली क्षेत्र में मिठाइयां बंट रही हैं। हर कोई इस बात की चर्चा कर रहा है कि गुप्ता जी के बेटे शुभम गुप्ता ने १२वीं के नतीजों में तृतीय स्थान हासिल किया है। लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। पूरे क्षेत्र में इस बात की चर्चा हो रही है, लेकिन इसकी खबर शुभम को ही नहीं है। पत्रिका ने सबसे पहले शुभम से बात कर इस बात की खुशखबरी दी। पिता अपने लाडले को टॉप-10 में पाकर फूले नहीं समाए। बेटे को बधाई दी। माथा चूमा। मां ललिता गुप्ता भी गदगद हो उठी।

जी तोड़ मेहनत किया था

शुभम गुप्ता का कहना है कि फस्र्ट रैंक के लिए जी तोड़ मेहनत किया था। स्कूल से लौटने के बाद लगातार पांच घंटे की पढ़ाई करता था। पेपर भी अच्छा गया था, लेकिन चूक कहां हो गई। यह उसे समझ में नहीं आ रहा है। रिजल्ट पर विश्वास नहीं हुआ तो उन्होंने अपना मोबाइल निकाला। वेबसाइट से लिंक ओपन कर विषयों में प्राप्तांक का अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि मैथ्स में 100 में से 98 और फिजिक्स में 100 में से 96 अंक प्राप्त किया है। अन्य विषय हिन्दी में 98 , अंग्रेजी 97 और केमेस्ट्री में 97 अंक हासिल किए हैं। इस तरह से उन्होंने पाया कि 500 पूर्णांक में से 486 अंक हासिल किए हैं।

आईएएस अफसर बनना चाहता है

शुभम गुप्ता आईएस अफसर बनना चाहता है। उन्होंने जेईई क्लीयर कर लिया है। इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई करना चाहता है। शुभम तीन भाई बहन हैं। बड़ी बहन मोनिका गुप्ता बी.कॉम थर्ड ईयर की छात्रा है। बड़ा भाई रविकांत गुप्ता बी.काम सेकेंड इयर की परीक्षा दी है।

श्रमिक पिता ने कहा सपना पूरा करेगा लाडला
श्रमिक पिता ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि उन्हें बेटे पर पूरा विश्वास था कि प्रावीण्य सूची में स्थान हासिल करेगा। शंकुतला विद्यालय प्रबंधन और क्लास टीचर आरती मेहरा कामयाबी से गदगद है। बता दें कि शुभग गुप्ता ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के टाप-20 में तृतीय स्थान हासिल किया है। 97.20 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण हुआ है।

शुभम के सफलता के पांच मूलमंत्र

1- कोर्स समय पर कम्प्लीट करना चाहिए। ताकि रिवीजन किया जा सके।
2- होमवर्क नियमित करना चाहिए।
3- अध्य्यन कर चुके विषयों को रिवाइज करना चाहिए है। नहीं तो उसे भूल जाएंगे।
4- बुक, स्टडी मटेरियल को पाईंट टू पाईंट पूर्वक पढऩा चाहिए।
5 - कन्यफ्यूजन होने पर तत्काल टीचर्स से मार्गदर्शन लेना चाहिए। जब कान्सेप्ट क्लीयर न हो जाए। तक आगे नहीं बढऩा चाहिए।