
दुर्ग-भिलाई. छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरियाली अमावस्या पर्व शनिवार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर किसानों ने घरों में कृषि औजारों की पूजा-अर्चना की वहीं पशुधन बैलों को गेंहू आटे की लोंदी बनाकर नमक और औषधि सामग्री मिलाकर खिलाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरों में भी हरेली त्योहार मनाया गया। गांवों में बच्चों ने जहां गेड़ी का आनंद उठाया वहीं बड़ों ने नारियल फेंकों और बैल दौड़ का मजा लिया। वहीं महिलाओं ने खो-खो प्रतियोगिता में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गांवों में यदु वंशियों द्वारा विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए घरों के मुख्य द्वार में एंटी बायोटिक्स नीम की टहनी लटका कर लोगों के स्वस्थय जीवन की कामना की।