
दुर्ग . अवैध गांजा के मामले में गवाहों और विवेचना अधिकारी के खिलाफ न्यायालय द्वारा जारी वारंट को आईजी भी तामिल नहीं करा पाए। न्यायालय को पुलिस प्रशासन ने यह जानकारी नहीं दी कि वारंट तामिल हुआ है या नहीं। विशेष न्यायाधीश मसंूर अहमद ने पुरानी भिलाई थाना के तत्कालीन विवेचना अधिकारी एसआई मृत्युजंय पाण्डेय समेत कुल चार लोगों के खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी करते आईजी को पत्र लिखा है। वहीं एसआई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने कहा है।
गवाहों की लगातार अनुपस्थिति
इस प्रकरण में न्यायालय ने १४ मई २०१८ को पटवारी खुमान लाल व अन्य गवाह आशीष मिश्रा, उत्तम सिंह सहित भिलाई ३ थाना के एसआई मृत्युंजय पाण्डेय के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। गवाहों की लगातार अनुपस्थिति के कारण न्यायाधीश ने आईजी के माध्यम से वारंट तामिल कराने का निर्देश दिया था। पुलिस ने आरक्षक आशीष मिश्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के कारण उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया।
वारंट तामिल हुआ या नहीं इसकी जानकारी नहीं दी
वहीं अन्य के खिलाफ वारंट तामिल हुआ या नहीं इसकी जानकारी नहीं दी। न्यायालय ने इसे गंभीरता से लिया और विवेचना अधिकारी सहित सभी गवाहों के नाम पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया। न्यायाधीश ने सभी गवाहों को आईजी के माध्यम से दोबारा वारंट तामिल कराने के निर्देश दिए हैं।
विवेचना अधिकारी का बयान होना है
न्यायालीन सूत्रों के मुताबिक अवैध गांजा के प्रकरण में अधिकतर गवाहों का बयान न्यायालय में दर्ज किया जा चुका है। घटना स्थल का नक्शा तैयार करने वाले पटवारी समेत विवेचना अधिकारी का बयान महत्वपूर्ण है। इसके बाद प्रकरण पर बहस होगी। न्यायाधीश ने इस मामले में सुनवाई के लिए १८ व १९ जून २०१८ की तारीख तय की है।
यह है मामला
पुरानी भिलाई पुलिस ने ८ दिसंबर २०१६ को मुखबीर की सूचना पर कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार छह आरोपियों से कुल ६३ किलो गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अलग अलग प्रकरण तैयार कर जांच की और अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया है।
Published on:
16 May 2018, 8:26 PM IST
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