
लिंक फेल होने पर भी अब रेलपांत गिरने का खतरा नहीं
भिलाई . बीएसपी में लंबी रेलपांत को टेफलर से उठाकर वैगन में चढ़ाते हैं। इस दौरान लिंक फेल हो जाता है, तो टैल्फर से छूटकर रेलपांत नीचे गिर जाती है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विभाग ने आंतरिक संसाधन से इस सिस्टम को बदल दिया है। अब लिंक फेल होने पर भी लॉक हो जाएगा और दुर्घटना नहीं होगी।
बीएसपी का रेल व स्ट्रक्चरल मिल भारतीय रेलवे की जरूरत को निरंतरता के साथ पूरा करता आ रहा है। रेलवे की आपूर्ति को तय करने के लिए संयंत्र का रेल व स्ट्रक्चरल मिल विभिन्न लंबाई में रेल्स का उत्पादन व निर्माण करता है। रेल मिल के लॉन्ग रेल लोडिंग एरिया से 260 मीटर लंबी रेल, उच्चतम मापदंडों पर खरा उतरने के बाद देश के विभिन्न भागों में उपयोग के लिए रेल्वे रैक्स में 44 टैल्फरों से लोड किया जा रहा है। इन टैल्फरों को चलाने के लिए इलेक्ट्रिकल ड्राइव्स व पीएलसी लगी हुई है।
दुघर्टना होने की आशंका
लोडिंग के दौरान किसी भी कारण से कम्यूनिकेशन (लिंक) फेल होने से टैल्फर रेल्स के साथ अचानक नीचे आ जाते थे। जिसके कारण दुघर्टना होने की आशंका बनी रहती थी। इसके अलावा ऐसी परिस्थिति में रेल्स उत्पादन का कार्य भी प्रभावित होने की आशंका रहती थी। साथ ही रेल्वे रैक लोडिंग विलंब होने से रेल्वे को भारी डैमरेज भी देना पड़ता था।
कर्मियों ने बिना एक पाई खर्च किए जुगाड़ से किया मॉडिफिकेशन
इन टैल्फरों के सुरक्षात्मक प्रचालन के लिए रेल मिल की अनुभवी टीम ने समस्या के निवारण के लिए पूर्व में प्रयुक्त की जा रही विद्युत प्रणाली में परिवर्तन करते हुए हर टैल्फर में एक अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल कांटेक्टर लगाकर व्यवस्था का निर्माण किया, जिससे कम्यूनिकेशन (लिंक) फेल होने पर टैल्फर लॉक हो जाते हैं और उनके गिरने की आश्ंाका नहीं रहती। इस मॉडिफिकेशन की खास बात यह रही कि इसमें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त खर्च नहीं हुआ। आंतरिक संसाधनों का ही उपयोग करके इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। जिससे संयंत्र के लिए हर साल बहुमूल्य धनराशि की बचत संभव हुई है।
विभाग के अधिकारियों ने की सराहना
रेल व स्ट्रक्चरल मिल के महाप्रबंधक जी सेनगुप्ता ने इस अहम कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए इस कार्य से जुड़े टीम के सदस्यों की सराहना करते हुए बधाई दी। यह कार्य उप महाप्रबंधक प्रभारी एसके सिंह, उप महाप्रबंधक प्रशांत लाखे, सहायक महाप्रबंधक बद्री प्रसाद यदु के मार्गदर्शन में किया गया। जिसमें टीम लीडर व प्रबंधक अभिलाश गुप्ता के नेतृत्व में प्रदीप कुमार भंडारकर, राजेश शर्मा, प्रशांत जोध, अर्चना सिंह, चन्ना रायडू ने अहम भूमिका निभाई।
Updated on:
25 May 2018 01:28 am
Published on:
25 May 2018 09:19 am
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