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Good News : दो सप्ताह तक तीन जिलों में दहशत फैलाने वाला बाघ गया जंगल में, वन विभाग ने ली राहत की सांस

पिछले दो सप्ताह से राजनांदगांव, बालोद और दुर्ग जिले में दहशत फैलाने वाले बाघ को लेकर राहतभरी खबर आई है।राजनांदगांव जिले के मनगटा से बालोद जिले में आया बाघ को जंगल के भीतर चला गया है। जंगल जाने के रास्ते में बाघ के पैरों के निशान से इसकी पुष्टि वन विभाग ने की है।

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खेत तलाशते रह गई वन विभाग की टीम, इधर गांव में घुसकर बाघ ने कर लिया गाय का शिकार, दहशत में लोग

खेत तलाशते रह गई वन विभाग की टीम, इधर गांव में घुसकर बाघ ने कर लिया गाय का शिकार, दहशत में लोग

भिलाई@Patrika. पिछले दो सप्ताह से राजनांदगांव, बालोद और दुर्ग जिले में दहशत फैलाने वाले बाघ को लेकर राहतभरी खबर आई है। राजनांदगांव जिले के मनगटा से बालोद जिले में आया बाघ को जंगल के भीतर चला गया है। जंगल जाने के रास्ते में बाघ के पैरों के निशान (Tiger footprints) से इसकी पुष्टि वन विभाग ने की है। (BHila patrika)वन विभाग ने बताया कि बालोद जिले के ग्राम लाटाबोड़ में बाघ देखे जाने के बाद सोमवार को ग्राम करहीभदर होते हुए गुरुर क्षेत्र के जंगल में चला गया है। (Tiger) बाघ के जंगल में जाने के बाद वन विभाग सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। डीएफओ सतोविशा समाजदार (DFO Satovisha Samajdar) ने बताया कि बाघ के जंगल में जाने की खबर के बाद वन विभाग के टीम के सभी अधिकारी-कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं। (Wils animal) उन्होंने कहा हमारा मकसद भी यही था बाघ रिहायशी इलाके से किसी तरह जंगल में चला जाए।

कान्हाकिसली राष्ट्रीय उद्यान का नहीं, जंगल का भटका हुआ था
डीएफओ ने बताया बाघ के बारे में कान्हाकिसली राष्ट्रीय उद्यान से भी जानकारी मंगाई गई थी। वहां से एक भी बाघ के मिसिंग नहीं होने की जानकारी मिली थी। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा जो बाघ बालोद जिले में बीते कुछ सप्ताह में था वह नर और जंगल से भटककर आया था। ग्राम करहीभदर के खेत में मिले बाघ के 24 पंजे के निशान के लोकेशन के तहत बाघ का अंतिम चिन्ह गुरुर ब्लाक के जंगल क्षेत्र क्रमांक 237 में पाया गया।

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हाथी व वन विभाग की टीम वापस, डॉग स्क्वॉड अभी भी तैनात
वन विभाग ने बाघ पकडऩे अचानकमार से हाथी मंगाया था। लगभग 300 कर्मचारियों ने लाटाबोड़ गांव में गन्ने के खेत में रेस्क्यू किया पर बाघ नहीं मिला था। बाघ के जंगल में जाने से हाथी भी वापस लौट गया। कर्मचारी और डॉग स्क्वॉड की टीम बुधवार को वापस जाएगी।

दो सप्ताह से दहशत में थे लोग

बीते दो सप्ताह से जंगल से भटककर रिहायशी इलाके में आने के कारण लोग काफी दहशत में थे। दुर्ग जिले के अछोटी व बालोद जिले के ग्राम लाटाबोड़ में बाघ द्वारा गाय का शिकार के बाद ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई थी। आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर मुनाई भी कराई गई थी।

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