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Patrika Raksha Kavach: 195 म्यूल अकाउंट में 5 करोड़ 14 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन, ठगी के 57 आरोपी पकड़े गए

Patrika Raksha Kavach: पुलिस ने उक्त खातों को ऑपरेट करने वाले 57 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। म्यूल अकाउंट का पहला मामला मोहन नगर थाने में दर्ज हुआ। जिसमें 110 खाते मिले।

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भिलाई

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Love Sonkar

Apr 09, 2025

Patrika Raksha Kavach: 195 म्यूल अकाउंट में 5 करोड़ 14 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन, ठगी के 57 आरोपी पकड़े गए

Patrika Raksha Kavach: देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच एक नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आया है, म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल। इससे अपराधी आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन को अंजाम दे रहे हैं। दुर्ग पुलिस ने अब तक 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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गौरतलब है कि गृहमंत्रालय से 195 म्यूल खातों की डिटेल मिली। जब पुलिस ने इन खातों की जांच की तो उसमें करीब 5 करोड़ 12 लाख रुपए ट्रांजेक्शन मिले है। पुलिस ने उक्त खातों को ऑपरेट करने वाले 57 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। म्यूल अकाउंट का पहला मामला मोहन नगर थाने में दर्ज हुआ। जिसमें 110 खाते मिले। इनमें संदिग्ध रकम ट्रांजेक्शन की गई।

कुछ पैसे के लालच में दे दिया अकाउंट

इन म्यूल एकाउंट से महादेव सट्टा, हवाला और साइबर ठगी की अवैध रकम का ट्रांजेक्शन हुआ है। पुलिस ने इन खातों की जांच शुरू की तो पता चला कि कई लोगों ने अपने बैंक खातों को कुछ पैसों के लालच में दिया है। वहीं कई लोगों को एकाउंट के बारे में पता नहीं है और आरोपी उनके नाम से खाता खोलकर उसमें लिमिट से अधिक रकम का ट्रांजेक्शन कर लिया। दिल्ली की एमएचए रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग जिले में 195 म्यूल एकाउंट की जानकारी मिली है। आईजी रामगोपाल गर्ग और एसपी जितेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। म्यूल बैंक खातों के एक्नॉलेजमेंट नंबर को सर्च किया। पुलिस ने अब तक 57 साइबर ठगों को प्रदेश और राज्य के बाहर जाकर गिरफ्तार किया। साइबर ठगों के मोबाइल, चेकबुक, नोट गिनने की मशीन, गाड़ी और करोड़ों रुपए बैंक खातों में होल्ड कराया।

जानिए म्यूल अकाउंट से कैसे की जाती है अवैध रकम का ट्रांजैक्शन

अवैध रकम का ट्रांसफर

साइबर फ्रॉड, ड्रग्स, स्कैम, महादेव सट्टा ऐप या अन्य आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त पैसा उस अकाउंट में ट्रांसफर किया जा रहा है। फिर वह पैसा एक या अधिक अकाउंट्स में भेजा जाता है, ताकि उसकी ट्रेसिंग मुश्किल हो जाए।

लोगों को झांसे में लेना

अपराधी सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल्स या ईमेल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। उन्हें फेक नौकरी, इनकम के ऑफर या ऑनलाइन पार्ट टाइम वर्क के नाम पर लुभाया जाता है। खाताधरकों को कहा जाता है कि बस अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने दें और उन्हें कमीशन मिलेगा।

म्यूल अकाउंट से कैसे बचें

किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल न करने दें। फर्जी नौकरी और ऑनलाइन पार्ट टाइम इनकम स्कीम से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की सूचना तुरंत बैंक और साइबर सेल को दें।

अकाउंट का डिटेल लेना

अपराधी बैंक अकाउंट डिटेल्स, केवाइसी डॉक्यूमेंट्स या नेटबैंकिंग एक्सेस ले लेते हैं। कई बार खाताधारक को ही पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है। यदि ट्रांजैक्शन पकड़ा जाता है, तो मूल अकाउंट होल्डर पर कानूनी कार्रवाई होती है, चाहे उसे जानकारी हो या नहीं। इसमें धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध के मामले लग सकते हैं।

म्यूल एकाउंट से अवैध ट्रांजेक्शन

म्यूल अकाउंट का उपयोग आमतौर पर अवैध धन लेन-देन (मनी लॉड्रिंग) में किया जाता है। यह एक साइबर अपराध का हिस्सा होता है, जिसमें अपराधी किसी निर्दोष या जानबूझकर शामिल व्यक्ति के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल अवैध रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने के लिए करते हैं।

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