8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जबरदस्ती ट्रक रोकने पर ट्रांसपोर्टर ने ही लिखाई सीजी के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट किंग के खिलाफ रिपोर्ट

ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से जिले में दो दिन में दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसको देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

2 min read
Google source verification
strike

जबरदस्ती ट्रक रोकने पर ट्रांसपोर्टर ने ही लिखाई सीजी के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट किंग के खिलाफ रिपोर्ट

दुर्ग. ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से जिले में दो दिन में दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसको देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। पुलिस ने भी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को किसी भी ट्रक को जबरन रोकने या आवश्यक सेवा के परिवहन को प्रभावित करने पर एफआइआर दर्ज करने की चेतावनी दे डाली है। इधर, भिलाई में ट्रांसपोर्टर सुरजीत सिंह ने करीब ४० लोगों पर जबरन ट्रक रोकने का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत पर हाइवे ट्रांसपोर्टर बीरा सिंह, सुखदेव सिंह सिद्धु, हरेन्दर यादव, जयवंत सिंह सैनी और सुरजीत सिंह समेत अन्य करीब ४० लोगों के खिलाफ धारा १४७, ३४१ के तहत जुर्म दर्ज किया है।

एक घंटे की बैठक में दी हिदायत
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के आव्हन पर जिले के ट्रांसपोर्ट संघ हड़ताल पर हैं। दुर्ग-भिलाई में स्थानीय स्तर होने वाले परिवहन कार्य और लाइन की गाडिय़ां ट्रांसपोर्ट नगर से रवाना ही नहीं हुई। अधिकांश ट्रक मालिकों ने हड़ताल का समर्थन किया है। हड़ताल के पहले दिन ट्रांसपोर्ट संघ के पदाधिकारियों ने गाडिय़ां रोकी थीं और हड़ताल के समर्थन के लिए दबाव बनाया था। इसकी शिकायत को देखते हुए प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को ट्रक मालिकों की बैठक बुलाई थी। लगभग एक घंटा से भी अधिक समय तक चली बैठक में हिदायत दी गई है कि जबरदस्ती जाम व हड़ताल में शामिल होने दबाव बनाया गया तो पुलिस सीधे कार्रवाई करेगी। इस दौरान आईपीएस भोजराम पटेल, सीएसपी वीरेन्द्र सतपथी, सीएसपी अजित यादव, आरटीओ अधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।

ट्रक चलता है तब परिवार का पेट भरता है, उसे रोका
भिलाई तीन थाना टीआई संजीव मिश्रा ने बताया कि हाइवा मालिका बीएमवाय चरोदा निवासी सुरजीत सिंह का ट्रक सीजी 04 जे 2079 सिरसा गेट से रायपुर ले जा रहा था। इसे ट्रांसपोर्टर बीरा सिंह व अन्य ने रोक लिया और मैदान में खड़ी करा दिया। ट्रक चालक घनश्याम की सूचना पर मालिक सुरजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ट्रक रोकने वालों से कहा कि इससे उनका परिवार चलता है, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। तब पुलिस में श्किायत की।

खाद्य आपूर्ति के वाहन रोके
हड़ताल के पहले दिन स्थानीय स्तर पर परिवहन कार्य चालू था। बाद में ट्रक मालिक संघ ने एफसीआइ को पत्र जारी किया कि वे हड़ताल की वजह से गोदाम में वाहन नहीं लगाएंगे। इसे देखते हुए एफसीआइ का रैक शनिवार को नहीं लगा। सीमेंट व अन्य रैक भी नहीं लगे।

आवश्यक कार्यबाधित नहीं
ट्रक मालिक संघ ने बताया कि वे आवश्यक सेवा के तहत दवा और सब्जी परिवहन में लगी वाहनों को नहीं रोकेंगे। जो वाहन पहले से गंतव्य के लिए रवाना हुए हैं, उन्हें निर्धारित स्थान में पहुंचने के बाद वहीं रोका जाएगा।

1500 से ज्यादा ट्रक लोकल परिवहन में
दुर्ग-भिलाई में स्थानीय स्तर पर परिवहन में हर रोज १५०० ट्रक चलते हैं। वहीं लाइन की गाडिय़ां लगभाग २००० हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण आठ हजार से भी अधिक ट्रक जिले में आते हैं और माल लेकर गतंव्य के लिए रवाना होते हैं।

ट्रांसपोट्र्स की यह हैं मांगें
१. डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए
२. टोल बैरियर की व्यवस्था बदली जाए
३. थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम व एजेंट कमीशन कम हो।
४. परिवहन व्यापार में टीडीएस व्यवस्था समाप्त की जाए
५. कंजेक्शन चार्ज खत्म हो

प्रशासन ने दी चेतावनी
-हाइवे से दो किलो मीटर दूर कानून के दायरे में रहकर अपना विरोध जताएं।
-ट्रक की शहर में पार्किंग न करें, शहर से 5 किमी दूर खाली जगह देखकर खड़ा करें।
-जीई रोड और रोड के किनारे गाड़ी खड़ी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।
-ट्रक मालिकों पर हड़ताल का दबाव नहीं बनाएं, स्वैच्छिक रूप से शामिल करें।
-कही भी झुंड बनाकर नजर आए या कानून तोड़ा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।