
राजनांदगांव/ डोंगरगढ़. बोरतलाव गांव के ग्रामीण नवरात्रि का पर्व सामूहिक रूप से चंदा लेकर मनाते हैं। नवरात्रि के समय हर घर से चंदा लिया गया था। वहीं गांव के ही नंदकिशोर सतनामी ने यह कहते हुए चंदा देने से मना कर दिया था कि चंदा के पैसे से गांव के लोग दारू, मुर्गा खाते हैं। नंदकिशोर की बात सुनकर ग्रामीणों ने गुस्से में आकर गांव में बैठक रखी और हुक्का-पानी बंद कर दिया। हुक्का-पानी बंद होने पर उक्त व्यक्ति ने गांव के ही २१ लोगों के खिलाफ बोरतलाव थाने में लिखित शिकायत कर दी। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो आक्रोशित होकर गांव के सारे लोग शनिवार को थाने पहुंच गए और घेराव कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि सिर्फ २१ लोगों पर नहीं बल्कि पूरे गांव को जेल भेजा जाए। ग्रामीण जिस वक्त घेराव करने पहुंचे थे, थाने में शिकायतकर्ता भी मौजूद था, उसे देखकर ग्रामीण और ज्यादा आक्रोशित हो गए और थाने से बाहर निकालने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए पुलिस ने उक्त व्यक्ति को बाहर नहीं निकलने नहीं दिया। खबर मिलने पर कांग्रेस के नेता नवाज खान मौके पर पहुंचे। उन्होने ग्रामीणों की बात सुनी।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त व्यक्ति चंदा नहीं देता है यहां हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करता है। इसलिए गांव में बैठक रखी गई थी और चंदा नहीं देने का कारण पूछा गया था। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि उक्त व्यक्ति ने २१ लोगों के विरुद्ध झूठी शिकायत की गई है। शिकायत के बाद से पुलिस लगातार गांव पहुंचकर पूछताछ कर रही है।
इस वजह से ग्रामीण आक्रोशित हो गए हैं। कांग्रेसी नेता नवाज ने इस दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए थानेदार की जगह पर एसडीओपी के समक्ष बात रखने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। बताया कि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध अगर कार्रवाई नहीं होगी तो डोंगरगढ़ नगर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। थाना प्रभारी बीआर ठाकुर ने बताया कि हुक्का-पानी बंद होने की शिकायत पर ग्रामीणों से पूछताछ कर रहे थे। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
Published on:
7 Oct 2017, 3:07 PM IST
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