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कहां है एनजीटी का आदेश : बीएसपी का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भी अब तक अधर में

नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को भी निगम ने हवा में उड़ा दिया। ट्रेंचिंग ग्राउंड में खानापूर्ति के लिए बाउंड्रीवॉल और सड़क बना दिया, बाकी कचरे का पहाड़ जस का तस है।

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Bhilai patrika

कहां है एनजीटी का आदेश : बीएसपी का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भी अब तक अधर में

भिलाई. शहर में सफाई व्यवस्था चौपट है। लोगों की शिकायत तो सुनी जाती नहीं, नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को भी निगम ने हवा में उड़ा दिया। ट्रेंचिंग ग्राउंड में खानापूर्ति के लिए बाउंड्रीवॉल और सड़क बना दिया, बाकी कचरे का पहाड़ जस का तस है। एक साल होने को है कचरे का निष्पादन तो हुआ नहीं बल्कि वहां और कचरा डालते जा रहा है।

निगम क्षेत्र से रोज तकरीबन 350 टन कचरा
भिलाई नगर निगम क्षेत्र से रोज तकरीबन 350 टन कचरा निकलता है। निगम यह कचरा घासीदास नगर बोगदा पुलिया के पास डंप करता है। कचरे का निष्पादन नहीं होने से क्षेत्र की आबोहवा प्रदूषित हो रही थी। लोगों की सेहत पर भी इसका असर पड़ रहा था। समस्या दिनोंदिन गंभीर होते देख पार्षद पीयूष मिश्रा ने एनजीटी (भोपाल) में शिकायत की। एनजीटी ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया।

इसलिए जरूरी है कचरे का निपटारा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुातबिक वर्ष २०१३ से नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और हथालन नियम लागू हो गया है। इसके तहत शहर से रोज निकलने वाले कचरा का निष्पादन जरूरी है। सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्रित करना है। सूखे कचरे का इस्तेमाल लैंड फिलिंग और गीले से बिजली व खाद बनाना है।

एनजीटी ने कहा था
ट्रेंचिंग ग्राउंड मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश दलिप सिंह और सत्यवान सिंह गब्र्याल की युगल पीठ ने नगर निगम आयुक्त और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को सख्त लहजे में कहा था कि निगम खुले में कचरा डालना बंद करें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का पालन करें। निर्देश के बावजूद, नियमों का उल्लंघन होता रहा तो कार्रवाई के लिए तैयार भी रहें।

फिर भी प्लांट लगा, न कचरे का निष्पादन
एनजीटी के निर्देश पर निगम आयुक्त ने 31 अगस्त २०१७ को कचरे के निष्पादन की अपनी योजना बताई। कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत पांच निकायों का संयुक्त प्लान बनाकर भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन के साथ करार करने जा रहे हैं। बीएसपी कचरे से बिजली पैदा करने ( वेस्ट टू एनर्जी प्लांट ) की यूनिट लगाएगी जहां निगम का कचरा पूरी तरह निष्पादित हो जाएगा। जामुल ट्रेंचिंग ग्राउंड के कचरे के निष्पादन के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही चलने की बात कही थी। एक साल बीतने को है न तो बीएसपी का एनर्जी प्लांट तैयार हुआ है और न ही शासन से ट्रेंचिंग्र ग्राउंड के कचरे के निष्पादन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है।

... तो कचरे से रौशन होंगी शहर की गलियां
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए बीएसपी प्रबंधन ने उमरपोटी के पास लगभग साढ़े तेरह एकड़ जमीन आरक्षित कर रखा है। यहां बिजली बनाने के लिए रोज लगभग 400 टन कचरे की जरूरत होगी। 350 टन कचरा निगरीय निकाय उपलब्ध कराएंगे और 50 टन बीएसपी टाउनशिप से निकलेगा। इससे रोजाना लगभग 8 मेगावॉट बिजली पैदा होगी। इसका उपयोग शहर की गलियों को रौशन करने में किया जाएगा। फिर इसके बाद शहर में कचरा डंप करने की समस्या ही नहीं रहेगी।
मैंने अवमानना का केस दायर कर दिया है
एनजीटी में याचिकाकर्ता पीयूष मिश्रा ने बताया कि शहर में कचरा डालने के लिए फिक्स डंपिंग जोन नहीं है। आवासीय एरिया में ट्रेंचिंग ग्राउंड बना रखा है। पर्यावरण की अनदेखी तो है ही, लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। कचरे के निष्पादन के नाम पर हेरा-फेरी भी हुई है। इन सब कारणों से मैंने एनजीटी में शिकायत की थी। निगम ने कुछ नहीं किया। मैंने फिर अवमानना का केस दायर कर दिया है।

प्रोजेक्ट शासन को भेजा गया है
प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम धर्मेंद्र मिश्रा जामुल ट्रेंचिंग ग्राउंड के कचरे के निष्पादन के लिए 4 करोड़ का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट राज्य शासन को भेजा गया है। प्रोजेक्ट मंजूर होते ही टेंडर की प्रकिय्रा शुरू कर दी जाएगी। एनजीटी के आदेश के मुताबिक बाउंड्रीवॉल बनाने और पौधे रोपने का काम पूरा हो चुका है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए बीएसपी प्रबंधन से भी करार हो चुका है।

जल्द ही दोबारा टेंडर बुलवाएंगे
जन स्वास्थ्य विभाग बीएसपी वरिष्ठ प्रबंधक केके यादव ने कहा कि कचरे के निष्पादन के लिए राज्य शासन की ओर से हमें भी लगातार निर्देशित किया जा रहा है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए निविदा बुलाई गई थी। दो एजेंसियों ने भाग लिया, एक हैदराबाद की और दूसरी जगदलपुर की थी। शर्तों के मुताबिक पात्र नहीं थे इसलिए निविदा निरस्त कर दी गई। दोबारा निविदा की प्रक्रिया जारी है।