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प्रदेश के 13 निकायों में से किस निगम ने चुकाया सबसे अधिक यूजर चार्ज, पढि़ए पूरी खबर

प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में सबसे अधिक सफाई सेवा शुल्क (यूजर चार्ज) भिलाई के रहवासियों ने चुकाया

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Bhilai nigam

भिलाई. प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में सबसे अधिक सफाई सेवा शुल्क (यूजर चार्ज) भिलाई के रहवासियों ने चुकाया। वित्तीय वर्ष 2017-18 में नगर निगम ने 3 करोड़ रुपए यूजर चार्ज वसूली का लक्ष्य रखा था, उससे सवा दो करोड़ अधिक 5.25 करोड़ रुपए राजस्व निगम को प्राप्त हुआ। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2016-17 में निगम को सफाई की एवज में मात्र 88.63 लाख सेवा शुल्क प्राप्त हुआ था।

राजस्व में पांच गुना बढ़ोतरी

नगर निगम ने सफाई सेवा शुल्क को लेकर सालभर जन जागरुकता अभियान चलाया। इसी का नतीजा है कि स्वास्थ्य विभाग के राजस्व में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है। भिलाई, प्रदेश के अन्य सभी नगर पालिक निगम रायपुर , बिलासपुर , जगदलपुर, राजनांदगांव, दुर्ग , बीरगांव, रायगढ़, कोरबा में से सबसे अधिक यूजर चार्ज वसूली करने वाला नगर पालिक निगम बन गया है।

2010 से लागू है नियम

ठोस एवं अपशिष्ठ प्रबंधन परियोजना 2010 से नगरीय निकायों में लागू है। इस परियोजना के तहत से घरों से सूखा और गीला कचरे को अलग-अलग एकत्र किया जाना है। इस सुविधा की एवज में घर, दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, बार, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, छात्रावास, सेलून, मेस, स्कूल, कॉलेज, मैरिज पैलेस, थोक एवं चिल्हर सब्जी एवं फल मंडी से प्रतिमाह एक निर्धारित शुल्क लिया जाना है। पिछले पांच साल तक शासन से सफाई सेवा शुल्क तय नहीं होने की वजह से निगम को टैक्स प्राप्त नहीं हुआ।

70 हजार लोगों ने दिया यूजर चार्ज

2014 में जब किवार गु्रप को शहर की सफाई का ठेका दिया उसी समय शासन ने शर्तों में सफाई सेवा शुल्क की वसूली को अनिवार्य कर दिया था। किवार ने कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से शुल्क वसूल कर निगम के खाते में जमा भी किया। किवार के काम छोड़कर चले जाने के बाद 2015 में निगम प्रशासन ने वसूली की ओर ध्यान नहीं दिया। 2016 में निगम ने जागरुकता अभियान चलाया तो 30 हजार लोगों ने टैक्स दिया। 2017 में सफाई सेवा शुल्क की विसंगतियों को दूर किया, 70 हजार से अधिक लोगों ने स्वयं से सफाई सेवा शुल्क जमा किया।

कंपनी के कर्मचारी टैक्स मांगने कभी नहीं गए

शासन ने स्पैरो साफ्ट टेक प्राइवेट लिमिटेड रांची को संपत्तिकर के साथ- साथ घरों में जाकर सफाई सेवा शुल्क वसूली करने का भी ठेका में दिया है। लेकिन कंपनी के कर्मचारी सफाई सेवा शुल्क वसूलने कभी किसी घर या दुकान में नहीं गए। इसके बावजूद लोगों ने शुल्क जमा करने में जागरुकता दिखाई।

शासन देगा निगम को प्रशंसा पत्र

सबसे अधिक सफाई सेवा शुल्क वसूली करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर पालिक निगम के कार्यों की सराहना की है। नगरीय प्रशासन की ओर से बहुत जल्द महापौर देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त केएल चौहान को इस कार्य के लिए प्रशंसा पत्र भी दिया जाएगा।

निगम के इस प्रयास का नतीजा है

1.डिजीटल इंडिया के तहत जनवरी-फरवरी २०१७ में शिविर लगाए गए, जहां लोगों को सफाई सेवा शुल्क जमा कर अनुज्ञप्ति और टे्रड लाइसेंस बनवाने के लिए प्रेरित किया।

2.निगम में संपत्तिकर जमा करने वालों को सफाई सेवा शुल्क के बारे में भी बताया गया। जमा नहीं करने पर पेनाल्टी लगने की जानकारी दी गई।

3.स्वच्छता जागरुकता अभियान के तहत घरों में डस्टबिन वितरण के दौरान लोगों को सफाई सेवा शुल्क के बारे में भी जानकारी दी गई।