
IAS Mahdev Kaware
बेमेतरा . यह तस्वीर छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के गांव खिलोरा की है। कलक्टर महादेव कांवरे 8 जुलाई को ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर थे। जब कलक्टर खिलोरा गांव से गुजर रहे थे तो उनकी नजर खेत पर पड़ी। किसान सोयाबीन की बुआई कर रहा था। इसके लिए हल चलाकर खेत तैयार करने में जुटा था। कलक्टर कांवरे ने तत्काल वाहन रुकवाया और सीधे खेत में पहुंच गए। वहां किसान का नाम पूछा और उससे हल चलाने की इच्छा जताई।
किसान अचरज में पड़ गया; साहब, खेत में हल चलाएंगे
किसान ने अपना नाम दशरथ साहू बताया, लेकिन वह अचरज में पड़ गया कि इतने बड़े साहब हल कैसे चलाएंगे? साहब ने फिर मुस्कान बिखेरते हुए हल की तरफ हाथ बढ़ाया तो किसान भी उनको न नहीं कह सका। वह खुश भी था कि कलक्टर साहब उसके खेत में हल चला रहे थे। फिर कांवरे ने हल को पकड़ा और खेत में जुताई करने लगे।
बचपन को याद कर बोले- मैं भी माता-पिता का हाथ बंटाता था
कलक्टर महादेव कावरे ने हल चलाते हुए अपने बचपन को याद किया। धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के एक गांव से निकलकर आइएएस के पद पर पहुंचे कांवरे जब हार्ईस्कूल में थे तब खेती-किसानी के काम में अपने माता-पिता का हाथ बंटाते थे। तब हल भी चलाया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी बनने के बाद ऐसे अवसर नहीं आए।
Published on:
08 Jul 2019 11:52 pm
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