
दुर्ग . तीन भाई बहनों में पिता की लाडली दीक्षा साहू 21 वर्ष ने आत्महत्या से पहले फर्श पर माफी देने की विनती लिख फांसी पर झूल गई। आत्महत्या के पहले उन्होंने चाक से माफ कर देबे पापा, मोला मुक्ति दिला देबे, मोर आत्मा ला.. लिखकर हमेशा के लिए परिवार से विदा ले ली। वह गुरुवार की दोपहर तीन बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया यह किसी को पता नहीं। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
बीमारी की वजह से आत्मघाती कदम
पुलिस के मुताबिक दीक्षा प्रथम माले में बने कमरे में गई थी। बहुत देर तक नीचे नहीं आने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने कमरे में झांका तो उनके होश ही उड़ गए। दीक्षा का शव चुन्नी के साहरे फांसी के फंदे पर लटक रहा था। कमरे में पलंग पर एक स्टूल भी रखा था जो पैर के निकट पड़ा था। पुलिस अनुमान लगा रही है कि मृतका फांसी का फंदा तैयार कर पलंग पर स्टूल रखा और झूल गई होगी। मुहल्ले में चर्चा है कि मृतका कुछ दिनों से बीमार थी, बीमारी की वजह से आत्मघाती कदम उठा ली होगी।
पिता सेंट्रिग मिस्त्री
मृतका का पिता सेंट्रिग मिस्त्री है। घटना के समय वह काम पर गया था। जैसे ही उसे घटना की सूचना मिली वह घर लौट आया। बेटी द्वारा जमीन पर लिखे अंतिम वाक्य के निकट वह बैठ गया था।
सिलाई कढ़ाई करती थी
तीन भाई बहनों में दीक्षा बड़ी थी। बारहवीं पास के बाद वह घर पर ही सिलाई कढ़ाई करती थी। मृतका सिलाई से होने वाली आमदनी को घर में देती थी।
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Published on:
22 Feb 2018 11:06 pm
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