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भोजन पकाने में 10 प्रतिशत खाद्य तेल की कटौती

पीएम-पोषण योजना में नया निर्देश, बच्चों में मोटापे को लेकर केंद्र सरकार सतर्क
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10% reduction in cooking oil

10% reduction in cooking oil

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम-पोषण) योजना के तहत अब राजकीय विद्यालयों में परोसे जाने वाले भोजन में खाद्य तेल की खपत 10 प्रतिशत घटाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "मन की बात" और "परीक्षा पर चर्चा-2025" कार्यक्रम में बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर चिंता जताई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी कर निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य पर असर डालता ज्यादा तेल

केंद्र सरकार की एडवाइजरी में कहा गया है कि अत्यधिक तेल का सेवन मोटापा, हृदय रोग और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ाता है। बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के लिए तेल का कम प्रयोग जरूरी है। प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के बच्चों को पहले 5 ग्राम तेल प्रतिदिन मिलता था, अब इसमें 10 प्रतिशत की कटौती होगी। कक्षा 6 से 8 तक के लिए निर्धारित 7.5 ग्राम तेल भी 10 प्रतशित घटाया जाएगा।

भोजन में पौष्टिक संतुलन बरकरार

पीएम पोषण योजना के तहत विद्यालयों में दिए जाने वाले भोजन को पौष्टिक और संतुलित बनाने पर जोर है। इसमें फोर्टिफाइड चावल, गेहूं, मोटे अनाज, दालें और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल। विटामिन ए व डी से समृद्ध फोर्टिफाइड तेल और डबल फोर्टिफाइड नमक का सीमित उपयोग। स्कूल पोषण उद्यान में उगाई गई ताजी सब्जियों का सीधा उपयोग।

बचपन का मोटापा बनी चिंता

केंद्र सरकार की एडवाइजरी में कहा गया कि बचपन का मोटापा तेजी से बढ़ती समस्या है। इसलिए छात्रों को तेल के अत्यधिक सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में शिक्षित करना होगा। उन्हें कम तेल से बने भोजन को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए प्रेरित करना होगा।

यह दिए गए निर्देश

स्कूल स्तर पर स्वस्थ खान-पान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं करवाई जाएं। पर्यावरण क्लब की गतिविधियों के तहत समूह चर्चा, निबंध और भाषण प्रतियोगिता आयोजित हों। छात्रों को नियमित व्यायाम और योग के महत्व से जोड़ा जाए। अभिभावकों को बच्चों की भोजन की मात्रा और गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी जाए। डॉक्टरों व पोषण विशेषज्ञों के व्याख्यान और कार्यशालाएं आयोजित हों। स्कूल में कम तेल वाले पौष्टिक विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। छात्रों को स्वास्थ्य राजदूत बनाकर साथियों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाए।

यह होगा बदलाव

  • प्रति छात्र खाद्य तेल की खपत में 10 फीसदी की कटौती।
  • कक्षा 1 से 5 तक – 5 ग्राम से घटकर 4.5 ग्राम।
  • कक्षा 6 से 8 तक – 7.5 ग्राम से घटकर 6.75 ग्राम।
  • बच्चों में स्वास्थ्य सुधार की पहल
  • कम तेल में ताजा और पौष्टिक भोजन।
  • तली-भुनी चीजों के बजाय भाप, ग्रिलिंग और बेकिंग तकनीक अपनाना।
  • पोस्टर, बैनर और इन्फोग्राफिक्स से जागरूकता।
  • फलों, सब्जियों और साबुत अनाज पर जोर।