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एनजीओ बना कर चोरी का बड़ा माध्यम

विदेशों से घूमकर वापस आया करोड़ों का धन, आयकर विभाग की भीलवाड़ा में कार्रवाई

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NGO became a big medium of tax evasion

NGO became a big medium of tax evasion

प्रदेशभर में एनजीओ के नाम पर कर चोरी का बड़ा खेल उजागर हुआ है। आयकर विभाग की कानपुर अन्वेषण शाखा ने मंगलवार को भीलवाड़ा, अजमेर, दिल्ली, नोएड़ा समेत कई जिलों में कार्रवाई की। जांच में सामने आया है कि मथुरा में पंजीकृत जन जागृति सेवार्थ संस्थान के नाम से पिछले तीन साल में 400 करोड़ रुपए का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। इसके अलावा डॉ. बृजमोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान के अध्यक्ष व कांग्रेस प्रवक्ता के आवास भी आयकर का छापा मारा गया। यह संस्था भीलवाड़ा में पंजीकृत है।

मथुरा में पंजीकृत है एनजीओ

भीलवाड़ा के महेश त्रिवेदी व योगेश शर्मा ने मिलकर जन जागृति सेवार्थ संस्थान के नाम से एनजीओ का गठन किया। इसका पंजीयन मथुरा में 28 जनवरी 2008 को किया था। कार्यालय का पता मित्तल भवन ऊंट वाली गली भरतपुर गेट मथुरा है। संस्था का अध्यक्ष महेश, सचिव योगेश तथा कार्यकारी सदस्य सरिता त्रिवेदी हैं। महेश पहले कोषाध्यक्ष था। इस संस्थान के नाम से पिछले तीन साल में करोड़ों का लेनदेन का मामला सामने आया है। इस संस्थान को दान में मिली राशि को कई खातों में ट्रांसफर करते हुए विदेशों में भेजा गया। यही राशि विदेश से पुन: विभिन्न खातों से होते हुए पुन: उन्हीं के खाते में आई है।

राजस्थान के कई जिलों में संचालित है एनजीओ

यह एनजीओ राजस्थान के अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, सीकर, बाड़मेर, टोंक, सिरोही, जैसलमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, उदयपुर, महाराष्ट्र के मुम्बई, सांगली, पुणे, मध्यप्रदेश के ग्वालियर, नीमच में कार्य कर रही है।

विदेशों से आया धन

आयकर विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि एनजीओ को दान के नाम पर बड़ी मात्रा में राशि प्राप्त हुई और इसका एक हिस्सा हवाला व बोगस फर्मों के जरिए विदेश भेजा गया। इस कार्रवाई के बाद कारोबारी जगत में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने फंडिंग और लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि एनजीओ के नाम पर हो रहा यह लेनदेन सिर्फ कर चोरी ही नहीं बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग का भी संकेत है। आयकर विभाग आने वाले दिनों में बड़ी गिरफ्तारियां कर सकता है।

एनजीटी में लगाई थी याचिका

डॉ. बृजमोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान के देवेन्द्रसिंह नामक व्यक्ति ने बजरी को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई थी। एनजीटी ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को पिछले पांच साल में लीज की जानकारी मांगी थी। हालांकि इस संस्थान के अध्यक्ष दुर्गेश पानेरी का कहना है कि एनजीटी में लगाई गई याचिका से उसका कोई लेना देना नहीं है।

बाकलीवाल परिवार पर शिकंजा

भीलवाड़ा के चंद्रशेखर आजादनगर स्थित केएल बाकलीवाल के आवास पर सोमवार को छापेमारी हुई। यहां कार्रवाई तो पूरी हो गई, लेकिन दिल्ली व नोएड़ा स्थित इंटर आर्च बिल्डिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड में लगातार दूसरे दिन जांच जारी। इसके चलते बाकलीवाल परिवार को नजरबंद रखा गया। बच्चों को स्कूल ले जाने व मंदिर तक आयकर टीम के कर्मचारी ही साथ रहे।