
ACB searched the engineers' house and got goods worth lakhs
भीलवाड़ा। एक लाख रुपए की घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार यूआईटी के अधीक्षण अभियंता व दो अधिशासी अभियंता को शुक्रवार न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। जयपुर व टोंक एसीबी की टीम ने गुरुवार को तीन अभियंताओं को उनके निवास से गिरफ्तार किया था।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोंक ग्रामीण एएसपी विजय सिंह मीणा ने शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता रामेश्वरलाल शर्मा व अधिशासी अभियंता सतीश शारदा व ब्रह्मालाल शर्मा को भीलवाड़ा एसीबी कोर्ट में पेश किया। एसीबी ने पूछताछ के लिए तीनों का रिमांड मांगा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एसीबी न्यायालय ने तीनों अभियंताओं को १८ दिसम्बर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। इसी बीच आरोपितों की तरफ से जमानत याचिका पेश हुई। न्यायालय शनिवार को याचिका पर सुनवाई करेगा।। तीनों ही अभियंताओं की गुरुवार को ब्यूरो ने कोरोना जांच कराई थी, रिपोर्ट आना शेष है।
सर्वाधिक मालदार शारदा
एएसपी मीणा ने बताया कि तीनों आरोपितों के आवासों की तलाशी को दौरान अधीक्षण अभियंता शर्मा के जयपुर में दो व भीलवाड़ा में एक फ्लेट के दस्तावेज मिले। इसी प्रकार एक लाख की नकदी मिली, नकदी के बारे में शर्मा ने बताया कि पुरानी कार बेचने के एवज में यह राशि मिली है। इसी प्रकार शारदा के घर तलाशी के दौरान एक आवास व सात भूखंड के दस्तावेज मिले। व्यक्तिगत व परिवार के सदस्यों के नाम बैंक खातों में करीब ६० लाख रुपए जमा है। इसी प्रकार बैंक व डाकघर की एफडी के दस्तावेज भी मिले। यहां घर में एक लाख की नकदी भी मिली। ब्रह्मालाल शर्मा के आवास पर टीम को कुछ विशेष नहीं मिला
Published on:
04 Dec 2020 11:57 pm
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