
भीलवाड़़ा में गणपति की प्रतिमा को विसर्जित करते लोग
भीलवाड़ा।
गणेश चतुर्थी से शुरू 10 दिवसीय गणपति महोत्सव की धूम सोमवार रात थमने के साथ ही मंगलवार को अनंत चंतुर्दशी पर पूरे भक्ति भाव से गणपति बप्पा को विसर्जित किया गया। गणपति महोत्सव के तहत पांडालों में बिराजे गणपति बप्पा को मंगलवार को पूरे भक्ति भाव के साथ अगले बरस फिर जल्द आने की कामना के साथ विसर्जित किया गया। प्रतिमाओं का विसर्जन सुबह से ही शुरू हो गया है।
शहर के पाण्डालों में लगी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकलने के साथ श्रद्धालु अपने घरों व प्रतिष्ठानों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं को भी विदा करने पहुंचे। प्रशासन ने शहर की गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए दो जगह व्यवस्था की। पटरी पार गंगापुर चौराहा से लेकर रिको फॉर्थ फेज तक की प्रतिमाएं यूआईटी द्वारा मानसरोवर झील किनारे निर्मित पक्के होद में भरे पानी में विसर्जित की जा रही है। होद के पास बल्लियों के बैरिकेट्स लगाए गए है। वहां प्रताप नगर पुलिस का जाप्ता सुरक्षा व्यवस्थाओं में लगा हुआ है। वहीं शहर के दूसरे भाग की प्रतिमाओं का विसर्जन नगर परिषद के काइन हाऊस परिसर में बनाए पक्के होद में किया जा रहा है।
इधर, सोमवार रात को पांडालों में डांडियों की खनक थम गई। नया बापू नगर महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव समिति ने बप्पा को ५६ भोग लगाया। कांचीपुरम में नवकार ग्रीन गणेश महोत्सव समिति द्वारा 56 भोग का लगाकर भजन संध्या की। पटेल नगर में प्रतिभागियों को एसडीएम रेणु मीणा व प्रताप नगर थानाधिकारी नवनीत व्यास ने पुरस्कार दिए। तेजाजी चौक में जुलूस की प्रतिमाओं को काइन हाऊस ले जाने के लिए नगर परिषद ने 4 डंपर लगाए। 25 कर्मचारी प्रतिमाओं को डंपर में रखने व विसर्जन को लगाए हैं। परिषद ने जुलूस मार्ग में बड़ा मंदिर से तेजाजी चौक तक पूरे रास्ते बड़ी हेलोजन लाइट्स लगाई है।
Published on:
05 Sept 2017 03:39 pm
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