
बिना चिकित्सक की सलाह से एंटीबायोटिक लेना घातक
भीलवाड़ा स्वास्थ्य विभाग ने अब एंटिबायोटिक दवा का नए चिकित्सकीय मापदंडों के तहत उपयोग करने को लेकर शनिवार को जागरूकता सप्ताह का आगाज किया। चिकित्सकों को एंटिबायोटिक के अधिक सेवन से दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। जिले के एएनएम और आशा सहयोगिनी आदि स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी दवा के सेवन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक का उपयोग करने से लोगों को सभी बीमारियों में इसके सेवन की आदत बन रही है। कई मरीज चिकित्सक की सलाह के मुताबिक निर्धारित अवधि तक दवा नहीं खा रहे है। इससे बीमारी ठीक होने में समय लग रहा है। इसी तरह कई लोग एंटीबायोटिक की आवश्यकता नहीं होने पर भी चिकित्सकों पर दबाव बनाकर एंटीबायोटिक लिखवा लेते हैं। इस तरह तर्क विहीन तरीके से एंटिबायोटिक दवाओं का उपयोग करने से शरीर में एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस होने के आशंका रहती है।
मनाएंगे एएमआर सप्ताह
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 से 24 नवम्बर तक विश्व एएमआर सप्ताह (विश्व एंटीमाइक्रोबियल अवेयरनेस) रोगाणुरोधी प्रतिरोध सप्ताह मनाया जाएगा। इसके तहत जिले में चिकित्सकों को और आशा, एएनएम आदि अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। स्वास्थ्य कार्मिकों की जागरूकता कार्यशाला होगी। स्कूलों में बच्चों को भी सेहत ओर दवाईयों के प्रयोग आदि को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
एएमआर सप्ताह का शुभारम्भ
शनिवार से एएमआर सप्ताह की शुरूआत हो गई है। निदेशालय से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार जिले के चिकित्सकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर उन्हें जानकारी दी जाएगी। इसके बाद प्रतिदिन कार्यशाला व अन्य जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
डॉ. मुस्ताक खान सीएमएचओ
Published on:
19 Nov 2023 10:29 am
