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Mid Day Meal And Milk : मुख्यमंत्रीजी, प्रदेश की स्कूलों में बाल-गोपाल कर रहे इंतजार, मिड-डे-मील में दूध कब मिलेगा

कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध वितरण की योजना प्रदेश के 69 लाख से अधिक बच्चों को नहीं मिला लाभ

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Mid Day Meal And Milk : मुख्यमंत्रीजी, प्रदेश की स्कूलों में बाल-गोपाल कर रहे इंतजार, मिड-डे-मील में दूध कब मिलेगा

Mid Day Meal And Milk : मुख्यमंत्रीजी, प्रदेश की स्कूलों में बाल-गोपाल कर रहे इंतजार, मिड-डे-मील में दूध कब मिलेगा

कानाराम मुण्डियार

भीलवाड़ा.

प्रदेश में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए ढाई माह बीतने के बावजूद सरकारी विद्यालयों में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए की गई मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना की बजट घोषणा धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। हालात यह है कि इसके फेर में लाखों बच्चे योजना के लाभ से वंचित हैं। हालांकि इसके पीछे योजना की शुरूआत को लेकर सरकार स्तर से निर्देश नहीं मिलने का तर्क दिया जा रहा हैं, लेकिन एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि हाल ही में लंपी संक्रमण बढ़ने के बाद दूध की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही हैं। जिससे विद्यालयों में इसके क्रियान्वयन में देरी हो रही हैं।

इस तरह से होना था दूध का वितरण-

राज्य सरकार ने बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के साथ सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए मिड डे मील के तहत मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना देने की घोषणा की थी। एक जुलाई से विद्यालय में शैक्षिण्िाक सत्र शुरू हो गया हैं। प्रदेश के करीब 69.21 लाख बच्चों को पाउडर से तैयार दूध सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को उपलब्ध करवाया जाना था, लेकिन अब तक इसके ठिकाने ही नहीं हैं।

एक सच यह भी-

दो जुलाई 2018 को वसुंधरा सरकार ने अन्नपूर्णा दूध योजना की शुरुआत की थी, उसमें प्रतिदिन बच्चों को दूध दिया जा रहा था। कोरोनो काल के दौरान विद्यालय बंद होने के साथ यह योजना भी बंद हो गई। अब बजट घोषणा में गहलोत सरकार ने योजना का नाम बदलते हुए मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के नाम से सप्ताह में दो दिन दूध देने की घोषणा की।

पाउडर से तैयार होगा दूध-

योजना में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 15 ग्राम दूध पाउडर से 150 एमएल व कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को 20 ग्राम दूध पाउडर से 200 एमएल दूध दिया जाएगा। मिल्क पाउडर की खरीद राजस्थान को ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन से करनी थी।

इनका कहना है-

योजना के क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तर से फिलहाल कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। जयपुर में बैठक है, उसमें जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

-बंशीलाल कीर, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक भीलवाड़ा

ज्यादा असर नहीं-

लंपी संक्रमण के बाद 25 से 30 हजार लीटर दूध की आवक कम हुई है। भीलवाड़ा में पहले साढ़े तीन लाख लीटर दूध प्रतिदिन आ रहा था, जो अब सवा तीन लाख लीटर तक आ रहा है। हालांकि आवक कम होने से दूध पाउडर के उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

-विपिन शर्मा, एमडी भीलवाड़ा डेयरी

राजस्थान : एक नजर

प्रदेश में कुल विद्यार्थी - 69.21 लाख

एक से पांच तक 150 एमएल दूध

छह से आठ तक 200 एमएल दूध

भीलवाड़ा की स्थिति-

जिले में कुल विद्यालय 2942

जिले में विद्यार्थी 296308

एक से पांच तक 187202

छह से आठ तक 109106