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कर वसूली में भीलवाड़ा निकाय फिसडडी, सर्वे के अभाव में करोड़ों का फटका

- वर्ष 2007 के बाद नहीं हो सका सर्वे, पिछले साल 1.67 करोड़ की हुई वसूली- वसूली शाखा में नफरी की कमी, अफसरों से लेकर कर्मचारियों के पद रिक्त

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कर वसूली में भीलवाड़ा निकाय फिसडडी, सर्वे के अभाव में करोड़ों का फटका

कर वसूली में भीलवाड़ा निकाय फिसडडी, सर्वे के अभाव में करोड़ों का फटका

भीलवाड़ा. नगर परिषद सीमा क्षेत्र में कितनी प्रोपर्टी है इसकी जानकारी अफसरों को नहीं है। इसी के चलते निकाय पूरा कर वसूल नहीं कर पा रहा। सालाना करोड़ों का नुकसान झेलने के बाद भी अफसरों की अनदेखी परिषद के लिए भारी पड़ रही है। प्रोपर्टी को लेकर वर्ष-2007 के बाद कोई सर्वे नहीं हुआ।

इसके अभाव में शहर में सैकड़ों सम्पत्तियों पर करोड़ों रूपए का नगरीय कर बकाया चल रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण वसूली के जिम्मेदार शाखा में अधिकारियों और कर्मचारियों के नफरी की कमी है। कर्मचारियों के सभी पद रिक्त चल रहे है। ऐसे में सम्पतियों के मालिकों को नोटिस तक जारी नहीं हो पा रहे है। गौरतलब है कि नगर विकास न्यास और स्थानीय निकायों का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष-2007 में राज्य सरकार ने नगरीय कर लागू किया था। परिषद ने सर्वे में कुल 74 हजार 369 सम्पतियां पाई थी है। इनमें से 6 हजार 723 को कर योग्य सम्पत्ति माना। परिषद हर साल इन सम्पतियों के मालिकों को कर जमा कराने के लिए नोटिस जारी करती है, लेकिन इनके मालिकों से मामूली वसूली ही हो पा रही है।
एक दर्जन पद रिक्त
नगरीय कर से 50 करोड़ रुपए की आय की उम्मीद रहती है, लेकिन परिषद में राजस्व विभाग में कर निर्धारक, राजस्व निरीक्षक, सहायक निरीक्षक समेत एक दर्जन पद रिक्त होने सेवसूली नहीं हो पा रही। परिषद हर साल कर राशि जमा कराने के लिए लोगों को पाबंद करती है। चालू वित्तीय वर्ष में मात्र 30 लाख रुपए नगरीय कर के वसूल हो पाए। सरकार ने नगरीय कर के लिए आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों की सीमा तय की थी। पद रिक्त होने से कृषि उपज मंडी, अजमेर विद्युत वितरम निगम, रोडवेज बस स्टैण्ड, चिकित्सालय, निजी शिक्षण संस्थान, धर्मशाला, होटल समेत कई मकान व दुकानों से कर वसूली नहीं हो पा रही।
प्रोपर्टी सर्वे के लिए टेंडर जारी

शहर में 80 हजार से अधिक प्रोपर्टी का सर्वे करने के लिए परिषद ने टेंडर जारी किया है। सर्वे पर 2.25 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके लिए 11 सितम्बर तक आवेदन मांगे है तथा टेंडर 12 सितंबर को खोले जाएंगे। इसे लेकर 13 फरवरी 2023 को बोर्ड बैठक में भी प्रस्ताव ले रखा है। सरकार ने भी प्रोपर्टी के लिए सभी निकायों को पत्र जारी किए। टेंडर में हिस्सा लेने वाले को ऑनलाइन ही खाते में करीब 4.57 लाख रुपए जमा कराने होंगे।
- हेमाराम चौधरी, आयुक्त नगर परिषद

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कर वसूली की वर्षवार स्थिति
वर्ष वसूली गई राशि
2007-08 1,49,045
2008-09 6, 57,025
2009-10 12, 43,861
2010-11 24, 08,979
2011-12 35, 80,027
2012-13 56, 97,823
2013-14 51,15,854
2014-15 20,88,704
2015-16 38,82,828
2016-17 23,17,393
2017-18 1,56,81,984
2018-19 79,65,861
2019-20 92,90,073
2020-21 1,14,19,900
2021-22 90,59,765
2022-23 1,67, 25,684