
Bhilwara Congress will get two new district presidents this month.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन सुदृढ़ीकरण के लिए हर जिले में नए जिलाध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में रविवार को कांग्रेस के पर्यवेक्षक भीलवाड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं, संगठन पदाधिकारियों और आम लोगों से रायशुमारी की। हालांकि प्रमुख कार्यकर्ता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा था।
किसी नेता के इशारे पर नहीं होगा चयन
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री और कांग्रेस पर्यवेक्षक विकार रसूल वानी ने पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष का चयन किसी एक नेता के इशारे पर नहीं होगा। हर कार्यकर्ता और ब्लॉक स्तर तक रायशुमारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता जमीन से जुड़े हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। वानी ने बताया कि कांग्रेस की यह प्रक्रिया संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है। इसकी शुरुआत अहमदाबाद से की गई थी। अब राजस्थान में इस अभियान को फिर से रिवाइज किया जा रहा है। भीलवाड़ा में शहरी और ग्रामीण दोनों जिलाध्यक्षों का चयन इसी प्रक्रिया के तहत होगा।
अक्टूबर में हो सकती है घोषणा
ऑब्जर्वर ने बताया कि कार्यकर्ताओं से आवेदन लेकर नामों पर मंथन के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसे हाईकमान को भेजा जाएगा। इसके बाद इसी माह जिलाध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। वानी ने साफ कहा कि जो नेता चुनाव के दौरान पार्टी से बगावत कर चुके। लेकिन अब पार्टी में वापस लौटे हैं। उनसे लिखित में लिया जाएगा कि वे कब लौटे और किन परिस्थितियों में पार्टी से अलग हुए थे। इस दौरान तीनों ऑब्जर्वर पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर, अनुपम शर्मा और बालूलाल भील भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, पूर्व मंत्री रामलाल जाट, कैलाश व्यास, दुर्गपालसिंह, मंजू पोखरना, दुर्गेश शर्मा, शिवकुमार कौशिक, अब्दुल सलाम मंसूरी और मोहम्मद हारूण समेत अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इन्होंने रखी दावेदारी
शहरी क्षेत्र भीलवाड़ा विधानसभा होने से यहां दावेदारों की संख्या काफी है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष का क्षेत्र छह विधानसभा होने के बावजूद इनकी दावेदारी कम आई है। शहर के लिए हेमेंद्र शर्मा, महेश सोनी, जीपी खटीक, याकूब मोहम्मद, संजय पेडीवाल, रफीक मोहम्मद, श्याम पुरोहित समेत कई नाम है। ग्रामीण से पूर्व जिला प्रमुख सुशीला सालवी ने दावेदारी की है।
कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
ऑब्जर्वर से मिलने आए कार्यकर्ता अपनी बात खुलकर नहीं रख सके। बताया गया कि रामलाल जाट व धीरज गुर्जर उनके साथ बैठे थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने 5 से 7 बजे तक अपनी बात रखने के लिए बुलाया तो फिर ऑब्जर्वर के पास अन्य नेताओं का बैठा रहना कहा तक उचित है। ऐसे में कोई भी कार्यकर्ता अपनी पीड़ा व पार्टी में क्या चल रहा है यह खुलकर कैसे सामने रखेगा। उधर वानी का कहना है कि अभी हमने किसी से आवेदन नहीं लिए है। जब आवेदन लेंगे तक उनसे खुलकर चर्चा की जाएगी।
Updated on:
06 Oct 2025 08:05 am
Published on:
06 Oct 2025 08:05 am
