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भीलवाड़ा

मंत्री जी पर दिखाई भीलवाड़ा डेयरी ने मेहरबानी, चहेतों को बांट दी ठेके की रेवड़ी

- सुरक्षाकर्मी लगाने में गड़बड़झाला: नियम बदलकर पहुंचाया लाभ - आरसीडीएफ को गड़बड़ी की शिकायत, जांच कर सौप दी रिपोर्ट - पूर्व चेयरमैन व राजस्व मंत्री के नजदीकी के नाम है ठेका

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भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (भीलवाड़ा डेयरी ) में ठेके पर सुरक्षाकर्मी लगाने के मामले में गड़बड़ी सामने आई है। यह गड़बड़ी तत्कालीन चेयरमैन व राजस्व मंत्री रामलाल जाट के समय से चल रही है। चूंकि ठेका तत्कालीन चेयरमैन के नजदीकी लोगों के नाम था, इसलिए डेयरी ने नियम-कायदों की परवाह तक नहीं की। यह गड़बड़ी राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की ओर से की जांच में सामने आई है। हालांकि कार्रवाई किसी के खिलाफ नहीं हुई, बल्कि ठेकेदार पर लगातार मेहर बरस रही है।


वर्ष-2016 से गड़बड़ी की शुरुआत
वर्ष-2016 में डेयरी में सुरक्षा गार्ड लगाने के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी हुआ। डेयरी नियम के अनुसार ठेका संस्था को कम से कम दस वर्ष का सुरक्षा व्यवस्था का अनुभव, वार्षिक टर्नओवर दो करोड़ से अधिक, सुरक्षा संस्था को कम से कम दो अनुबंध, जिसमें ढाई सौ सुरक्षाकर्मियों का नियोजन का प्रमाण पत्र पेश करना था, होना चाहिए। लेकिन नियम दरकिनार कर रॉयल सिक्युरिटी को एक साल का ठेका दिया। आरोप है कि कम्पनी ने सुरक्षाकर्मियों की जगह केयरटेकर का प्रमाण पत्र लगाया। कई कागजी कार्रवाई पूरी किए बिना कम्पनी को ठेका दिया।

कोरोना की आड़ में बिना टेंडर सौंपा काम, बदले नियम
वर्ष-2020 में डेयरी ने कोरोना की आड़ में बिना टेंडर के ही तीन माह के लिए उड़ान सिक्युरिटी सर्विसेज को सुरक्षा का ठेका दिया। कम्पनी की ठेका अवधि लगातार बढ़ाते गए। नियमानुसार बिना टेंडर के ठेका राजस्थान एक्स सर्विसमेन कॉरपोरेशन को ही दिया जा सकता। उड़ान सिक्युरिटी के संजय चौधरी और पंकज कुमार गुर्जर हिस्सेदार हैं। दोनों ठेकेदार डेयरी के तत्कालीन चेयरमैन रामलाल जाट के नजदीकी है। इसलिए डेयरी ने दोनों को फायदा पहुंचाने के लिए डेयरी ने नियम बदले। वर्ष-2023 में इसी कम्पनी को ठेका दे रखा है।

लाभ के लिए ये बदलाव
उड़ान को ठेका देने के लिए डेयरी ने नियम बदला। ठेका लेने वाली संस्था को दस वर्ष का सुरक्षा व्यवस्था का अनुभव एक साल किया। यह एक साल भी इसी कम्पनी को बिना टेंडर के काम दिया। अनुभव प्रमाण पत्र भीलवाड़ा डेयरी ने उपलब्ध करवाया। दूसरी शर्त वार्षिक टर्नओवर, जो 2 करोड़ से अधिक का था, उसे 60 लाख किया।

शिकायत पर जांच में गड़बडी
गड़बड़ी की शिकायत द्वारिका कॉलोनी के आरएस राठौड़ ने आरसीडीएफ को की। राठौड़ ने आरोप लगाया कि उड़ान की ओर से जो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाए, नियमानुसार एक्स सर्विसमैन नहीं हैं। ठेका नियम के अनुसार 60 प्रतिशत एक्स सर्विसमैन और 40 प्रतिशत सिविलियन रखे जाते हैं। आरोप है कि कम्पनी एक्स सर्विसमैन के नाम पर भुगतान उठा रही, लेकिन काम सिविलियंस कर रहे।

इनका कहना है
भीलवाड़ा डेयरी में सुरक्षाकर्मी लगाने में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। मामले की जांच पूरी कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी है।
– पंकज भूतड़ा, डिप्टी जीएम, आरसीडीएफ