
भीलवाड़ा डेयरी अब मुंबई में बेचेगी अपने उत्पाद
भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक संघ (भीलवाड़ा डेयरी) अगले छह माह में अपना उत्पाद अब मुम्बई में भी बेचेगी। इसके लिए पिछले तीन माह से वहां के बाजार का सर्वे किया जा रहा है। यह बात भीलवाड़ा डेयरी चेयरमैन व मांडल विधायक रामलाल जाट ने शानिवर को संचालक मंडल की बैठक के बाद संवादाताओं से चर्चा करने के दौरान बताई। जाट ने बताया कि मुंबई में भीलवाड़ा डेयरी को कारोबार करने की रजिस्ट्रार ने स्वीकृति दे दी है।
प्रदेश की पहली डेयरी
यह प्रदेश की पहली डेयरी है, जिसे इस तरह की स्वीकृति मिली है। मुंबई में दूध व अन्य उत्पाद उपलब्ध कराने के प्रयास तीन माह से किए जा रहे थे। इसके लिए वहां गुणवत्ता देखी गई। उसमें भीलवाड़ा डेयरी खरी उतरी है। मुंबई में लगने वाले प्लांट पर फैसला हो गया है। वहां रिलायंस की ओर से पहले से लगाए गए प्लांट पर काम शुरू किया जाएगा। मुंबई में राजस्थान के एक हजार से ज्यादा लोग चाय की थडिया लगाते हैं। राजस्थानियों की संख्या काफी अधिक है। आईस्क्रीम के कारोबार से भी कई लोग जुड़े हैं। इन्होंने सरस दूध को प्राथमिकता देने की बात कही है। वर्तमान में घी मुम्बई जा रहा है।
कर्मचारियों के साथ अब किसानों को भी बोनस
बोर्ड बैठक में डेयरी के 50 कर्मचारियों को 20 प्रतिशत तथा किसानों को बोनस देने का फैसला किया गया। संविदाकर्मियों को 8.33 और अन्य कर्मचारियों को भी लाभ दिए जाएंगे। बैठक में सात कर्मचारियों के प्रमोशन का भी निर्णय लिया गया है।
मांडल में लगेगा बायो गैस प्लांट
भीलवाड़ा डेयरी डीएमटी फंड से आठ करोड़ की लागत से बायो गैस प्लांट मांडल में स्थापित करेगी। इसके लिए दस बीघा जमीन मांगी गई है। स्वीकृति मिलने के साथ ही बायो गैस प्लांट और पंप की स्थापना की जाएगी। साथ ही इफ्को खाद व इवाइयां भी बनाई जाएगा। आसींद के बड़ला ग्राम में 120 महिलाओं को बायो गैस उपलब्ध करवाई जाएगी। प्लांट पर एक करोड़ रुपए व्यय होगा। हर घर में बिना सिलेंडर के गैस पहुंचाई जाएगी। यहां 75 पैसे से एक रुपए प्रतिकिलो की दर से गोबर की खरीद होगी। यहां बनने वाली गैस, पेट्रोल पंप के माध्यम से विक्रय की जाएगी।
आवारा पशुओं पर नकेल का इंतजाम
शहर में आवारा जानवरों से होने वाली दुर्घटनाओं से रोकथाम के लिए करीब एक लाख रेडियम बेल्ट खरीद कर शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं के गले में परिवहन विभाग के माध्यम से लगाई जाएंगी। दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए दस लाख लीटर तक की क्षमता वाली इकाई का निर्माण किया जा रहा है। 5 लाख लीटर दूध तैयार करने की मशीन स्थापित की जाएगी।
मिलावटी पदार्थ की जांच के उपाय
बैठक में दूध में मिलावटी पदार्थों की जांच के लिए उपकरण स्थापित करने के लिए आठ करोड़ 73 लाख 32 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है। परियोजना में 3 करोड़ 49 लाख 53 हजार रुपए संघ कोष से वहन किए जाएंगे। बैठक में 665 करोड़ के वार्षिक बजट के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।
Published on:
30 Oct 2021 10:02 pm
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