
चिता
आसींद (भीलवाड़ा)। कटार गांव में शुक्रवार को इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना हुई। सूदखोरों से परेशान एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली, लेकिन सूदखोर मौत के बाद भी नहीं माना और सूदखोर ने मृतक के परिजनों से ब्याज वसूलने के लिए युवक का अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए, विरोध बढऩे पर सूदखोर चला गया। ग्रामीणों ने सूदखोर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आसींद थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार कटार निवासी भैरूलाल भील (25) दो दिन पहले घर से निकल कर रायला में जीजा कैलाश के पास आया था। फिर गुरुवार सुबह बदनोर के शोपुरा चौराहे पर जाकर सो गया। उसे देख किसी परिचित ने उसके भाई रामचंद्र को सूचना दी। रामचन्द्र ग्रामीणों के साथ पहुंचा तब भैंरूलाल अचेत मिला। पूछने पर भैंरू ने बताया कि उसने जहर खा लिया। उसे तत्काल आसींद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। हालत गंभीर होने पर भीलवाड़ा रैफर किया गया। जहां उपचार के दौरान भैरूलाल की मौत हो गई।
मोक्षधाम पहुंच गया सूदखोर
शुक्रवार सुबह जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर श्मशान पहुंचे तो वहां सूदखोर शिवलाल खटीक ने उधार दिए पैसे की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इस पर वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए तथा शिवलाल का विरोध करने लगे। ग्रामीणों का विरोध देखते हुए शिवलाल मौके से चला गया। अंतिम संस्कार के बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजन आसींद थाने पहुंचे गए तथा सूदखोर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। थाना प्रभारी राज कुमार नायक ने ग्रामीणों को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फोटो-प्रतीकात्मक तस्वीर
Published on:
21 Jul 2018 08:49 am

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