प्रतिदिन 500 बच्चों के लगते हैं टीकेगड़बड़ाया टीकाकरण अभियान
भीलवाड़ा।
Inactivated injectable vaccines of polio भीलवाड़ा सहित कई जिलों के अधिकांश सरकारी व निजी अस्पतालों में २० दिन से पोलियो का इनएक्टिवेटेड इंजेक्टेबल टीके (आइपीवी) की आपूर्ति नहीं है। बच्चों को केवल ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) पिलाई जा रही है। टीका नहीं लगाया जा रहा है। हरियाणा के करनाल स्थित केंद्र सरकार की अधिकृत कम्पनी से टीके की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
Inactivated injectable vaccines of polio जिले में हर माह २० से २५ हजार टीके खत्म होते हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला और सैटेलाइट अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में सौ से अधिक कोल्ड चैन सेंटर हैं। किसी में भी आइपीवी टीका नहीं है। जिले में प्रतिदिन करीब ५०० बच्चो को टीके लगते हैं।
दरअसल देश में राष्ट्रीय पोलियो कार्यक्रम १९९५ में शुरू हुआ। तब से पोलियो के आेरल टीका दिया जाता है। ओरल टीके यानी ओपीवी में जीवित वायरस होने की वजह से कुछ स्वस्थ बच्चों को पोलियो रिपोर्ट हुआ था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पोलियो को पूरी तरह खत्म करने के लिए आइपीवी शुरू किया। केंद्र को पोलियो का एक आइपीवी की कीमत करीब ९१ रुपए पड़ रही है। इसी साल मल्टीनेशनल कम्पनी ने पोलियो की टीके की कीमत ६१ से बढ़ाकर १४७ रुपए कर दी। तब से टीके की किल्लत है।
नहीं आ रहे टीके
जिले में २० दिन से आइपीवी टीके नहीं आ रहे हैं। इससे बच्चों के टीके नहीं लगाए जा रहे है। इसके स्थान पर ओपीवी लगा रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही टीका आ जाएगा।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा