
शहर में नगर परिषद चौराहा प्रमुख मार्गों की गिनती में है। यहां यातायात का भारी दबाव है।
भीलवाड़ा।
शहर में नगर परिषद चौराहा प्रमुख मार्गों की गिनती में है। यहां यातायात का भारी दबाव है। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं। चौराहे की बत्ती ही गुल है। हर पल दुर्घटना का अंदेशा। यहां पूरी तरह मनमर्जी का आलम। यहीं वजह है कि दिनभर में कई बार जाम के हालात से लोगों को गुजरना पड़ता है। लम्बे समय से ट्रॉफिक लाइट चालू करने की मांग उठ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
परिषद चौराहा प्रमुख बाजार से लेकर कॉलोनियों को जोड़ रहा है। रेलवे स्टेशन, गोल प्याऊ चौराहा, आजाद चौक, कोतवाली रोड, मुरली विलास रोड़, साबुन मार्ग इसी रास्ते से है। इसके अलावा शास्त्रीनगर, कांवाखेड़ा, भोपालपुरा रोड समेत कई कॉलोनियों में जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा शास्त्रीनगर, कांवाखेड़ा, भोपालपुरा रोड समेत कई कॉलोनियों में जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
लगा दिए संकेतक, चालू कभी हुए नहीं
परिषद चौराहे पर लाखों रुपए खर्च करके यातायात संकेतक के रूप में बत्ती लगाई गई, लेकिन यह बत्ती कभी जल ही नहीं पाई। यह महज शो-पीस बनी हुई है। इसे लगाने का मकसद ही हल नहीं हो पा रहा। वहीं व्यवस्था के रूप में यहां यातायात पुलिसकर्मी की भी तैनाती का जाती थी। लेकिन यहां पुलिसकर्मी भी अब कभी-कभार नजर आता है। चौराहे पर सड़क किनारे ठेला व्यवसायी खड़े हो जाने से गति अवरोधक का काम कर रहे है।
शहर का प्रमुख मार्ग जो बाजार को कॉलोनियों से जोड़ता है
परिषद चौराहा प्रमुख बाजार से लेकर कॉलोनियों को जोड़ता है। यहां आए दिन दुर्घटना होती रहती है। रेलवे स्टेशन, गोल प्याऊ चौराहा, आजाद चौक, कोतवाली रोड, मुरली विलास रोड़, साबुन मार्ग इसी रास्ते से है। इसके अलावा शास्त्रीनगर, कांवाखेड़ा, भोपालपुरा रोड समेत कई कॉलोनियों में जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
Published on:
15 Dec 2017 12:02 pm
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