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भीलवाड़ा कोठारी नदी : पहले अतिक्रमण था…अब डालने लगे मृत मवेशी

भीलवाड़ा कोठारी नदी : जगह-जगह कचरे के ढेर, एनजीटी का आदेश दरकिनार

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भीलवाड़ा कोठारी नदी : पहले अतिक्रमण था...अब डालने लगे मृत मवेशी

भीलवाड़ा कोठारी नदी : पहले अतिक्रमण था...अब डालने लगे मृत मवेशी

भीलवाड़ा शहर की जीवनदायनी रही कोठारी नदी अब पूरी तरह मैली हो चुकी है। नदी में दूषित पानी छोड़ने के साथ हर तरह का कचरा डाला जाने लगा है। हालात यहां तक पहुंच गए कि नदी में मृत मवेशी तक डाले जाने लगे हैं। शहर से निकलने वाले सीवरेज का पानी पहले से कोठारी नदी में जा रहा है। वहीं नदी में अतिक्रमण लंबे अर्से से चल रहा है। नदी को दूषित करने में नगर परिषद के कर्मचारी भी पीछे नहीं है, जो कई बार शहर का कचरा यहां डाल जाते हैं। वहीं नदी किनारे के कई अस्पताल बायोमेडिकल वेस्ट तक नदी में डाल रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नदी से अतिक्रमण व कचरा हटाने के आदेश दिए थे, जिसकी स्थानीय प्रशासन अनेदखी कर रहा है।

शहर से निकलने वाली कोठारी नदी आगे बनास नदी में मिल रही है। बनास का पानी भीलवाड़ा जिले के अलावा अजमेर, ब्यावर, किशनगढ़, जयपुर सहित अन्य शहरों को सप्लाई किया जाता है। शहर का लगभग 30 एमएलडी पानी प्रतिदिन नदी में छोड़ा जा रहा है। हालांकि एक खनन कम्पनी ने एसटीपी लगा रखा है, लेकिन प्लांट में जरूरत के आधार पर चलाया जाता है। शेष पानी कोठारी नदी में जा रहा है। वही सीवरेज का पानी भी इसी नदी में छोड़ा जा रहा है।

बायोमेडिकल वेस्ट डालने से नहीं चूक रहे
आरके-आरसी व्यास कॉलोनी से निकलने वाला कचरा कोठारी नदी में डाला जा रहा है। कृषि उपज मंडी में बाहर से आने वाले ट्रक चालक माल खाली होने के बाद कचरा कोठारी नदी व उसके किनारे डाल रहे हैं। कई बार कचरे को आग के हवाले कर दिया जाता है। नदी के आसपास के निजी चिकित्सालयों का बायोमेडिकल वेस्ट भी डाला जा रहा है। प्लास्टिक की थैलियों भी बिखरी नजर आती है। इससे नदी दूषित हो रही है।

दिन भर श्वान नोचते रहते हैं मृत मवेशी को
केशव चिकित्सालय के पास से होकर पालड़ी जाने वाले रास्ते के बीच मृत मवेशी नदी किनारे डाल जा रहे हैं। श्वान इन्हें नोचते-खाते रहते हैं। इसकी दुर्गन्ध अस्पताल तक आ रही है। इसकी शिकायत नगर परिषद को करने के बाद भी मृत मवेशी यहीं पर डाले जा रहे हैं। इसके अलावा शहर का कचरा भी यहीं पर डाल रहे है।

एनजीटी में फिर करेंगे शिकायत
जिला प्रशासन की लापरवाही से कोठारी नदी दूषित हो रही है। एनजीटी ने इसे अतिक्रमण व प्रदूषण मुक्त करने के आदेश दिए थे। आदेशों की पालना नहीं हो रही है। इसकी एनजीटी में फिर शिकायत करेंगे। साथ ही नगर विकास न्यास ने कोठारी रिवर फ्रंट की योजना बनाई थी वह भी ठंडे बस्ते में चली गई है।
बाबूलाल जाजू, पर्यावरणप्रेमी

जारी करेंगे नोटिस
कोठारी नदी में दूषित पानी छोडऩा, कचरा डालना, बायोमेडिकल वेस्ट डालना गंभीर है। इससे नदी दूषित हो रही है। इसके लिए सम्बन्धित विभाग को व चिकित्सालयों को नोटिस जारी किया जाएगा।
विनट कट्टा, क्षेत्रीय अधिकारी राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल