11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Bhilwara news :शहर भ्रमण को निकले चारभुजा नाथ, भक्तों के साथ गुलाल व फूलों से होली खेली

भगवान चारभुजा नाथ अपने मंदिर से चांदी के बेवाण में सवार होकर भक्तों के बीच पहुंचे

less than 1 minute read
Google source verification
Charbhuja Nath went on a city tour, played Holi with devotees using gulal and flowers

Charbhuja Nath went on a city tour, played Holi with devotees using gulal and flowers

Bhilwara news : भीलवाड़ा शहर में शनिवार को अमावस्या पर होली खेलने भगवान चारभुजा नाथ अपने मंदिर से चांदी के बेवाण में सवार होकर भक्तों के बीच पहुंचे। पुराने भीलवाड़ा शहर के मुख्य मार्गों और कई गलियों से भक्तों को दर्शन के बाद ठाकुरजी रविवार सुबह पूरे विधि विधान के साथ निज धाम पहुंचेंगे। जिस रास्ते चारभुजा नाथ की सवारी निकली वहां ठाकुरजी के दर्शनों के लिए भक्त उमड़ पड़े। भक्तों ने आराध्य के साथ जमकर गुलाल खेली और उन्हें भोग लगाकर आरती की।

माहेश्वरी समाज चारभुजा मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में घर-घर भक्तों संग चारभुजा नाथ गुलाल खेलते हुए शहर भ्रमण को निकले। इससे पूर्व चांदी के बेवाण में राधा कृष्ण की छोटी मूर्तियां रखी गई। चारभुजा नाथ के फूलडोल महोत्सव में बैंड बाजे, घोड़ी ढोल नगाड़े साथ रहे। बेवाण का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। परिवार जनों ने मिलकर आरती कर भेंट रखी। चारभुजा नाथ का बेवाण धानमंडी, सांगानेरी गेट होते हुए रात 9.30 बजे दूधाधारी गोपाल मंदिर पहुंचा। यहां भजनों से चारभुजा नाथ का स्वागत किया। चारभुजा नाथ भदादा मोहल्ला होते हुए पुरी रात शहर भ्रमण कर रविवार को नव वर्ष की शुभ वेला पर मंदिर प्रांगण 7.30 बजे पहुंचेंगे। बड़े मंदिर पर महाआरती कर बेवाण का स्वागत किया जाएगा। इससे पहले मंदिर में चारभुजा नाथ के सुबह 6 बजे पंडितों ने दुग्ध अभिषेक किया। छप्पन भोग झांकी दर्शन सुबह 10 बजे से सजाई गई। मंदिर को फूलों व गुब्बारों से सजाया। दोपहर आरती के बाद छप्पन भोग प्रसाद वितरण किया। ट्रस्ट मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने बताया कि इस दौरान भीमगंज थाना अधिकारी गजेंद्र सिंह राठौड़, संरक्षक उदयलाल समदानी, रामेश्वर तोषनीवाल, अध्यक्ष चंद्र सिंह तोषनीवाल, प्रहलाद भदादा आदि ट्रस्टी उपस्थित थे।