
Ethanol will be produced from the most produced maize in Bhilwara, farmers will get economic benefits
Bhilwara news : राज्य सरकार का साथ मिला तो भीलवाड़ा में जल्द एथेनॉल प्लांट की स्थापना होगी। एथेनॉल प्लांट के लिए केंद्र सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है। देश में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने, विदेशी मुद्रा की बचत और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने के लिए राजस्थान का किसान भी डट कर खड़ा है। ताकि अधिक मक्का उत्पादित कर अधिक से अधिक एथेनॉल बनाने में सहयोग कर सकें। प्रदेश में सबसे अधिक मक्का उत्पादन में भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा और बूंदी शामिल है।
केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम पर फोकस कर रही है। पिछले चार वर्षों में एथेनॉल उत्पादन क्षमता दोगुनी से अधिक होकर 18 सितंबर 2024 तक 1,623 करोड़ लीटर पहुंच गई है। गन्ने की तरह मक्का से भी अच्छी मात्रा में एथेनॉल बनाया जा सकता है। इसलिए प्रदेश के किसानों को मक्का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करना भी शुरू कर दिया। साथ ही कई राज्यों में अनाज से एथेनॉल उत्पादन के लिए संयंत्र स्थापना पर भी काम किया जा रहा है।
देश में लगेंगे 101 संयंत्र
अनाज से एथेनॉल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। देश में 101 संयंत्र स्थापित होंगे। इसमें राजस्थान के भीलवाड़ा में एक, मप्र में 17 उप्र और पं. बंगाल में 11-11 संयंत्र शामिल हैं।
भीलवाड़ा जिले में सर्वाधिक उत्पादन
केंद्र सरकार का मक्का उत्पादन से एथेनॉल बनाने पर जोर है। इसका उपयोग पेट्रोल के साथ कर पेट्रोलियम आयात को कम करना है। यह फसल भीलवाड़ा जिले में सर्वाधिक उत्पादन होती है। इसे वर्षभर उगाई जा सकती है। एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को मक्का उपज बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
- वीके जैन, उपनिदेशक कृषि विभाग (विस्तार) भीलवाड़ा
Published on:
17 Mar 2025 09:28 am
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