4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भादो में सेहत सावधानी: दही-हरी सब्जियों से परहेज जरूरी, बैक्टीरिया से आंतों को नुकसान का खतरा

भाद्रपद महीने में मौसम बदलने से बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आयुर्वेद चिकित्सक दही, छाछ, हरी सब्जियां, आइसक्रीम और खमीर युक्त खाद्य पदार्थों से परहेज की सलाह देते हैं। इसके बजाय बेसन से बनी चीजें, सोंठ, काली मिर्च, टमाटर का सूप व सुपाच्य भोजन लाभकारी है।

2 min read
Google source verification
Health Alert in Bhadrapad

Health Alert in Bhadrapad (Patrika Photo)

भीलवाड़ा: भाद्रपद का महीना आते ही मौसम में बदलाव के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों ही चिकित्सा प्रणालियां इस दौरान कुछ खास खाद्य पदार्थों से परहेज की सलाह देती हैं, ताकि लोग मौसमी बीमारियों से बच सकें।


इस महीने में अक्सर एलर्जी, त्वचा रोग, दस्त, पीलिया और बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिलती हैं। इस मौसम में दही और हरी सब्जियों का सेवन हानिकारक है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनुराग शर्मा का कहना है कि भाद्रपद में खाने-पीने की कई रोजमर्रा की चीजें हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

दही खाने का क्या होगा नुकसान

इस मौसम में दही खाने से शरीर में कफ जम सकता है और बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। दही में मौजूद बैक्टीरिया का अधिक सेवन इस महीने में हमारी आंतों को भी क्षति पहुंचा सकता है। इसी तरह, खमीर युक्त खाद्य पदार्थ, गुड़ और हरी सब्जियों का सेवन भी इस दौरान स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

भाद्रपद में छाछ, दही, आइसक्रीम और मिठाई का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। बेसन से बनी चीजें और गर्म मसालों का प्रयोग फायदेमंद हो सकता है, जैसे सोंठ, काली मिर्च और छोटी पीपल।


धार्मिक परंपराओं का वैज्ञानिक पहलू


हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान को दही-माखन का भोग लगाया जाता है, लेकिन इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक तर्क छिपा है। धर्म के जानकारों का मानना है कि भगवान को अल्प मात्रा में दही अर्पित करने का यह भी अर्थ हो सकता है कि लोग इस महीने में इसका अत्यधिक सेवन करने से बचें, जिससे वे संभावित बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।

श्रावण और भादो के महीने में मेडिकल दवाओं का सेवन भी कम करना चाहिए। यह वह समय होता है, जब पेट संबंधी रोग और पुराने दर्द फिर से उभर आते हैं। त्वचा भी खराब होने लगती है, इसलिए इन वस्तुओं का प्रयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने रोजाना तेल मालिश करने की भी सलाह दी है।


क्या परहेज करें

-दही, छाछ, आइसक्रीम
-हरी सब्जियां
-खमीर खाद्य पदार्थ, मिठाई

क्या सेवन करें

-बेसन से बनी चीजें
-गर्म मसाले (सोंठ, काली मिर्च)
-टमाटर का सूप

Story Loader