
Bhilwara news: टेक्सटाइल उद्योग में नई मशीनों का निवेश ठहरा
भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष दामोदर अग्रवाल ने केन्द्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा। इसमें नई टेक्नोलोजी अपग्रेडेशन फण्ड स्कीम (टफ) योजना लागू करने की मांग की। पत्र में लिखा कि केंद्र सरकार ने टफ योजना में अब तक 27,889 करोड़ रुपए की मदद करने मात्र से टेक्सटाइल क्षेत्र का जबरदस्त विस्तार हुआ। इससे अत्याधुनिक मशीनों से उत्पादन व क्वालिटी में सुधार हुआ। यह स्कीम 31 मार्च को बंद होने से नया निवेश भी रूक गया।
फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष अतुल शर्मा ने बताया कि टफ 1 अप्रेल 2022 से बंद हो गई है। केन्द्र ने 1 अप्रेल 1999 को टेक्सटाइल उद्योग में अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग को ध्यान में रखकर टफ शुरू की। 23 वर्ष से इस योजना के कारण देश के टेक्सटाइल क्षेत्र में क्रान्तिकारी बदलाव आया। पुरानी की जगह अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग होने लगा है। क्वालिटी के साथ उत्पादन भी बढने लगा। केन्द्र सरकार ने 1999 से 20 जून 2010 तक इस स्कीम को चालू रखा। कुछ बदलाव के बाद आर-टफ के नाम से 28 अप्रेल 2011 को योजना का पुनः शुरू किया, जो बाद में आरआरटफ, ए-टफ योजना के रूप में जाना गया।
7 जनवरी 2022 को केन्द्र सरकार ने टेक्सटाइल टेक्नोलोजी डवलपमेन्ट स्कीम (टीटीडीएस) के नाम से ड्राफ्ट जारी किया। इसमें बताया कि नई स्कीम 1 अप्रेल से ए-टफ योजना की जगह लागू की जाएगी।
भीलवाड़ा के एमएसएमई सेक्टर के उद्योगपति इसी आशा के साथ कार्य व योजना बना रहे थे कि नई स्कीम आते ही वस्त्र उद्योग में बडा़ निवेश करेगें। भीलवाड़ा इनवेस्टमेंन्ट समिट में 11 हजार करोड़ के एमओयू व एलओआई हुए थे। इसमें 70 प्रतिशत एमओयू केवल टेक्सटाइल क्षेत्र से थे। एक अप्रेल को नई योजना नहीं आने से निवेश रूक गया है। भीलवाडा में 20 हजार लोगो के नए रोजगार के अवसर समाप्त हो गए। नई मशीनों में नया निवेश रुक गया। मांग व आपूर्ति में सांमजस्य बिगड़ रहा है। निर्यात प्रभावित होने लगा है। शर्मा व अग्रवाल ने केन्द्र से टफ योजना के नए प्रारूप जारी करने की मांग की है।
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Published on:
13 Jun 2022 11:50 am
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