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Bhilwara news : कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा खनिज विभाग, प्रभावित हो रहे रोजमर्रा के काम

खनन में सर्वाधिक राजस्व देता भीलवाड़ा

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Bhilwara Mineral Department is facing shortage of employees

Bhilwara Mineral Department is facing shortage of employees

Bhilwara news: भीलवाड़ा जिला खनन से राजस्व में अव्वल है। सरकारी खजाने को और भरा जा सकता है, लेकिन यहां स्टॉफ की कमी होने से अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सहायक खनिज अभियन्ता व खनि कार्यदेशक (फोरमैन) के पद रिक्त हैं। इससे रोजमर्रा के काम नहीं हो रहे हैं। खान सचिव व डीएमजी अवैध खनन रोकने के लगातार आदेश जारी कर रहे हैं, लेकिन इनकी पालना कराने को पर्याप्त स्टॉफ नहीं है। भीलवाड़ा खनन से प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व देने वाला विभाग है। यहां डीएमएफटी में सालवा 350 करोड़ का भी फंड आता है।

प्रमुख खाली पद

भीलवाड़ा खनिज विभाग से जुड़े खनि अभियन्ता (सतर्कता) भीलवाड़ा, सहायक खनि अभियन्ता (सतर्कता) बिजौलियां तथा सहायक खनि अभियन्ता (सतर्कता) गंगापुर का पद रिक्त हैं। भीलवाड़ा में सहायक खनिज अभियन्ता का पद रिक्त हैं। कुछ दिन के लिए यहां सुरेशचन्द्र अग्रवाल को लगाया था। फर्जी रवन्ना पर्ची से असेसमेन्ट कराने का मामला उजागर करने के बाद अग्रवाल को यहां से हटा दिया।

इसलिए खोला था विभाग

अवैध खनन रोकने को गंगापुर में अलग से कार्यालय खोला था। यहां सहायक खनिज अभियंता गंगापुर (सतर्कता) ऑफिस है। जहां पर केवल एक जीप और ड्राइवर है। यहां सहायक अभियंता सतर्कता, माइंस फोरमैन और लिपिक भी नहीं है। भीलवाड़ा खनिज विभाग कार्यालय में जब भी गाड़ी और ड्राइवर की जरूरत पड़ती है तो उसे फोन कर बुला लिया जाता है। बाकी दिनों में ड्राइवर गाड़ी के साथ अकेला ही बैठा रहता है। यहां एएमई सतर्कता पद पर सबसे पहली नियुक्ति प्रवीणकुमार अग्रवाल की थी। अग्रवाल को अप्रेल 2016 में यहां से हटाकर उदयपुर निदेशालय लगा दिया। इसके बाद से यहां पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई।

पांच साल पहले खोला था

गंगापुर, सहाड़ा, कारोई क्षेत्र में अवैध खनन के बढ़ते मामलों के कारण गंगापुर में एएमई (सतर्कता) ऑफिस खोला था। शुरू में यहां अन्य अधिकारियों के पास अतिरिक्त कार्यभार रहा। इसके बाद प्रवीण कुमार अग्रवाल को लगाया, लेकिन अप्रेल 2016 में निदेशालय भेज दिया। जिले में लगातार बढ़ते अवैध खनन के कारण (सतर्कता) के ऑफिस खोले गए लेकिन भीलवाड़ा में एमई (सतर्कता) और बिजौलियां में एएमई (सतर्कता) का पद भी खाली है।

काम का दबाव, निदेशालय को लिखे पत्र

खनि कार्यदेशक के दो पद रिक्त होने से दो अन्य पर काम का दबाब बढ़ गया। एक फोरमैन को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसे लेकर अब अधिकारी किसी पर काम का दबाव नहीं डाल पा रहे है या काम नहीं बता पा रहे हैं। इसके चलते काम प्रभावित हो रहा है। भीलवाड़ा में खनि कार्यदेशक प्रथम के 3 पद, खनि कार्यदेशक द्वितीय के 5 तथा सर्वेयर के 2 पद रिक्त हैं। अधीक्षण खनिज अभियन्ता ने कई बार खान निदेशालय को पत्र लिखे लेकिन पद नहीं भरे गए।