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Bhilwara news : बाप-रे-बाप…हंसते रहे आप…

चर्चित नाटक का मंचन, दर्शक लोटपोट

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Oh my god...you kept laughing...

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Bhilwara news : चर्चित नाटक बाप रे बाप का मंचन वस्त्रनगरी में किया गया। हास्य और व्यंग्य से भरपूर नाटक देखकर दर्शक लोटपोट हो गए। पद्मश्री से सम्मानित दिवंगत केपी सक्सेना लिखित नाटक का निर्देशन दिनेश प्रधान ने किया। सक्सेना ने लगान, स्वदेश, जोधा-अकबर और हलचल जैसी मशहूर फिल्में लिखीं।

आप ने अभी तक सुना होगा कि बेटे नाराज़ होकर घर से भाग जाते हैं, अपनी पसंद की लड़की से शादी करने के लिए या फिर मुम्बई हीरो बनने के लिए। मगर सोचिये, अगर घर का मालिक बाप ही भाग जाए तो क्या होगा? नाटक बाप रे बाप में ऐसी ही उल्टी गंगा बही है। बेटे की जगह इस घर का बाप ही भाग गया है। नाटक में बाप के भाग जाने या खोने के बहाने से उन ऊंचे लोगों पर भी हास्य-व्यंग्य के दो-दो छींटे डाले गए हैं। जहां घर के आधुनिक माहौल में पुरानी परंपरागत मान्यता वाले बाप का दर्जा घर के किसी पुराने बर्तन से ज्यादा नहीं है। यह नाटक का मंचन नगर निगम सभागार में भीलवाड़ा महोत्सव की पूर्व संध्या पर किया गया।

बाप रे बाप असल में समाज में व्याप्त लालच और व्यक्तिवादी मानसिकता को उजागर करता है। रंगशीर्ष आर्ट एंड कल्चर रिसर्च सोसायटी, जयपुर की इस प्रस्तुति में भाग लेने वाले मुख्य कलाकार दीपक शर्मा, विनोद जोशी, सुदर्शीनी माथुर, रेणू सनाढ्य, संजय मीणा, राजदीप वर्मा, संजय सोयल, लव सोनी और महेंद्र सैनी थे। नाटक में संगीत चंचल शर्मा ने दिया और प्रस्तुति नियंत्रक हैं अनिता प्रधान थी। नाटक में प्रकाश व्यवस्था व निर्देशन दिनेश प्रधान का रहा।