
The wedding bells played again, the auspicious ceremony began
Bhilwara news : सूर्यदेव के मकर राशि में संक्रमण के बाद गुरुवार से विवाह समारोह में शहनाई की गूंज सुनाई देने लगी है। पहला सावा गुरुवार को होने से शहर में कई जगह बैंड बाजों की धूम रही। फिर से शादियों का दौर शुरू होने के साथ ही बाजारों में भी ग्राहकी से रौनक नजर आने लगी है। एक माह बाद पंडित, बैंड बाजे, डीजे, लाइट व टैंट आदि फिर व्यस्त हो गए। दुकानदारों की ओर से भी अच्छी ग्राहक की उम्मीद से पर्याप्त माल मंगाकर स्टॉक कर लिया है। नव वर्ष में विवाह के लिए 75 दिन शुभ मुहूर्त है, जबकि मलमास व चातुर्मास को मिलाकर करीब 6 माह विवाह समारोह नहीं होंगे। वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा 16 विवाह मुहूर्त मई में है, जबकि दिसंबर में सबसे कम 3 मुहूर्त है। मलमास की समाप्ति के बाद जनवरी में 10 दिन तक विवाह समारोह होंगे।
पूरे वर्ष में दो माह नहीं होंगे मुहूर्त
सूर्यदेव 14 मार्च को मीन राशि में गोचर करेंगे। इसलिए 14 मार्च से 14 अप्रेल तक खरमास रहेगा। दिसंबर के अंत में फिर एक माह खरमास के रहेंगे। इस तरह से वर्ष में करीब दो माह खरमास के चलते विवाह समारोह नहीं होंगे।
मई माह में सर्वाधिक सावे
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि जनवरी में 10 दिन, फरवरी माह में 14, मार्च माह में 5 , अप्रेल में 9, मई में 16 व जून में 5 दिन शादी-विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके बाद जुलाई, अगस्त, सितंबर व अक्टूबर में विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है। इन माह में भगवान विष्णु शयन में चले जाएंगे। नवंबर में 13 व दिसंबर में 3 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त है। सावों के आगमन से बाजार में रौनक आने लगी है।
Published on:
17 Jan 2025 11:02 am
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