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Bhilwara news : प्यासे आंगनबाड़ी केंद्र: भीलवाड़ा-शाहपुरा में 443 केंद्रों पर नहीं नल

अनदेखी: कार्यकर्ता आसपास के घरों व सार्वजनिक नलों से जुगाड़ते हैं पेयजल

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Thirsty Anganwadi centres: 443 centres in Bhilwara-Shahpura do not have taps

Thirsty Anganwadi centres: 443 centres in Bhilwara-Shahpura do not have taps

Bhilwara news : प्रदेश की हजारों आंगनबाडि़यों में पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आसपास के घर व सार्वजनिक ट्यूबवैल से पानी लोकर काम चलाया जा रहा है। वहीं बच्चे घरों से पानी की बोतल लाते हैं। पूरे प्रदेश में करीब 30 हजार आंगनबाडि़यों में जल कनेक्शन नहीं है। भीलवाड़ा व शाहपुरा में ऐसे केंद्रों की संख्या 443 है।

मालूम हो, जल जीवन मिशन में हर आंगनबाड़ी तक पानी पहुंचाना है। अब तक 39 हजार केंद्रों तक पानी पहुंच पाया है। कुल लक्ष्य 69,665 केंद्र है। आंगनबाडि़यों में बच्चे होने के कारण पानी ज्यादा चाहिए। बच्चे घरों से पानी की बोतल लाते हैं। बोतल खाली हो जाने पर प्यासे रहते हैं या घर लौट जाते हैं। दूर-दराज व ग्रामीण इलाकों की आंगनबाडि़यों में पानी की समस्या ज्यादा है।

तीन जिले ऑरेंज जोन में

आंगनबाडि़यों में कनेक्शन में जयपुर, बाड़मेर और अजमेर जिले ऑरेंज जोन में है। तीनों जिलों में 25 फीसदी लक्ष्य भी हासिल नहीं हुआ। अजमेर में कुल 1535 में से 349 केंद्रों में कनेक्शन हुआ है। जयपुर में 3026 में से मात्र 442 में नल से पानी पहुंच पाया। बाड़मेर जिले में 19.87 फीसदी लक्ष्य प्राप्त हुआ। भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले में 2217 में से 443 केंद्रों पर नल सुविधा नहीं है।

बाड़मेर में सर्वाधिक केंद्र

राज्य में सबसे ज्यादा बाड़मेर जिले में कुल 3408 केंद्र है। इनमें सेकेवल 677 केंद्रों में पानी पहुंचा है।

जोधपुर आखिरी पायदान पर

जोधपुर जिला सबसे पीछे और रेड जोन में है। जिले में कुल 2245 में केवल 111 में नल से पानी पहुंचा।

आंगनबाड़ी: अब तक क्या स्थिति

  • प्रदेश में कुल केंद्र : 69665
  • अभी तक कनेक्शन : 39050
  • लक्ष्य का प्राप्त प्रतिशत : 56.05

भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले की स्थिति

  • 2217 आंगनबाड़ी केंद्र
  • 1265 स्वयं का भवन
  • 253 किराएं के भवन
  • 468 विद्यालय भवन में
  • 047 सामुदायिक भवन में
  • 035 अन्य भवनों में संचालित
  • 1066 शौचालयविहीन केंद्र