
Time management is very important for success
Bhilwara news : बोर्ड परीक्षा के नाम से विद्यार्थी अंदर ही अंदर डरे रहते हैं। कई विद्यार्थी अपने क्लास टीचर से भी मन में उठे सवालों का जवाब ढूंढते रहते हैं। अक्सर देखा जाता है कि प्रथम बार बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थी के मन में झिझक रहती है। प्रथम पेपर के बाद बोर्ड परीक्षार्थी में परीक्षा का दबाव घट जाता है। बोर्ड परीक्षार्थियों ने मन के सवाल क्लियर करने के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से बोर्ड परीक्षा को लेकर विशेष मुहिम चलाई है। आगामी दिनों में बोर्ड की परीक्षा प्रारंभ होने जा रही है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की बोर्ड परीक्षा 6 मार्च से शुरू होगी। बोर्ड परीक्षार्थियों का वर्तमान में एक लक्ष्य नजर आ रहा है कि बोर्ड के पेपर अच्छे से अच्छे हों। बोर्ड परीक्षार्थियों की मदद तथा अच्छे अंक लाने के लिए पत्रिका विभिन्न टॉपर विद्यार्थियों की राह साझा कर रहा है। इससे वह अच्छे अंक ला सके तथा परीक्षा का दबाव कम से कम हो।
दिव्यांका बाघेरवाल
12वीं-वर्ष 2024
94.00 प्रतिशत अंक सीबीएसइ
तनाव मुक्त रहकर करें पेपर सॉल्व
विद्यार्थी जब परीक्षा देने घर से निकले तो तनाव मुक्त होकर निकलना चाहिए। इससे पेपर अच्छा होता है। यह कहना है दसवीं और बारहवीं कक्षा में उच्च अंक लाने वाली दिव्यांका बाघेरवाल का। उसने बताया कि परीक्षा चाहे कोई भी हो तनावमुक्त होकर देनी चाहिए। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा विद्यार्थी का भविष्य तय करती है। इनसे ही कॅरियर की नींव तैयार होती है। 12वीं में 94 प्रतिशत अंक लाने वाली दिव्यांका ने बताया कि सौ प्रतिशत की तैयारी के साथ परीक्षा कक्ष में जाना चाहिए। जब परीक्षा देने के कक्ष में बैठे तो तनाव मुक्त होना चाहिए। कक्ष में बैठने के बाद घबराहट नहीं होनी चाहिए। शांत स्वभाव से परीक्षा देनी चाहिए। जो सवाल पहले आते हैं उन्हें पहले करना चाहिए। इससे अंक भी अच्छे आते हैं। परीक्षा के दिनों में नियमित रूप से पांच से सात घंटे तक अध्ययन करना चाहिए।
इरम काजी
12वीं-वर्ष 2024
98.00 प्रतिशत अंक सीबीएसइ
पिछले सालों के पेपर करें सॉल्व
सत्र 2023-24 में 12वीं बोर्ड की विज्ञान परीक्षा में छात्रा इरम काजी ने 97.80 फीसदी अंक पाकर जिले में टॉप किया। छात्रा इरम काजी ने बताया कि स्कूल में पढ़ाते समय हर पाठ को ध्यान से समझना चाहिए। पाठयक्रम पूरा होने के बाद घर पर लगातार रिवीजन करना चाहिए। कठिन विषयों या पढ़ाई के दौरान कोई समस्या आने पर विषयाध्यापकों का सहयोग लें। वह प्रतिदिन नियमित रूप से 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी। इरम क़ाज़ी ने परीक्षार्थियों से कहा कि वे अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन में प्रश्नों का लिखित अभ्यास करें। जो सालभर तैयारी करते हैं, उनके लिए परीक्षा बोझ नहीं है, अपने आपको बेहतर साबित करने का माध्यम है।उन्हीं आधार पर आगे की पढ़ाई की जाती है। पाठ्यक्रम पूरा करने के बजाय रिवीजन करना ज्यादा जरूरी है। पाठ्यक्रम को पूरा नहीं कर, अब तक जो पढ़ा गया है उसका रिवीजन करने का है। इसके अलावा पिछले सालों के पेपर को भी सॉल्व करना चाहिए ताकि पेपर देते समय किसी तरह की घबराहट नहीं होगी।
Published on:
12 Feb 2025 11:29 am
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