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प्रदेश के 50 हजार स्कूलों के लिए 118 करोड़ का बजट: भीलवाड़ा के 2146 स्कूलों को मिलेंगे 5.76 करोड़

- स्वच्छता पर खर्च करने होंगे 10 प्रतिशत, छात्र नामांकन के आधार पर मिलेगी ग्रांट

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Budget of ₹118 Crore for 50,000 Schools in the State: 2,146 Schools in Bhilwara to Receive ₹5.76 Crore

प्रदेश के 50 हजार स्कूलों के लिए 118 करोड़ का बजट: भीलवाड़ा के 2146 स्कूलों को मिलेंगे 5.76 करोड़

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए बजट कवच जारी कर दिया है। सत्र 2025-26 के लिए जारी इस कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में भीलवाड़ा जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। जिले के 2,146 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए कुल 5.76 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। प्रदेश स्तर पर कुल 118.43 करोड़ रुपए की राशि 50,318 स्कूलों के लिए जारी की गई है। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा।

भीलवाड़ा: नामांकन के अनुसार बजट का आवंटन

जिले के स्कूलों को उनके डेटा के आधार पर राशि आवंटित की गई है।

  • 1 से 30 नामांकन: 588 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए।
  • 31 से 100 नामांकन: 1,053 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।
  • 101 से 250 नामांकन: 499 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।
  • 250 से 1000 नामांकन: 6 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए।
  • 1000 से अधिक नामांकन वालों स्कूलों के लिए एक लाख रुपए।

तीन चरणों में खर्च का गणित

बजट का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा तय की गई है।

  • जुलाई से सितम्बर: 40 प्रतिशत राशि शुरुआती जरूरतों और मरम्मत के लिए
  • अक्टूबर से दिसम्बर: 30 प्रतिशत राशि
  • जनवरी से फरवरी तक: शेष 30 प्रतिशत राशि और उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना।
  • स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य

परिषद ने साफ किया है कि भीलवाड़ा सहित प्रदेश के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। वही इस राशि से स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर, जलपान, उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर राशि की वसूली की जाएगी।

इन कार्यों पर खर्च होगी राशि

ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा।