23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंजीनियरिंग का ब्लाइंड स्पॉट, शहर के चौराहे बने जानलेवा नियमों को ताक पर रखकर बना दिए ऊंचे चौड़े सर्कल

जिला परिवहन कार्यालय के पास स्थित सर्कल में लगे अवैध होर्डिग व ऊंगी झांडिया

2 min read
Google source verification
Engineering's Blind Spot: City Intersections Turn Deadly—Tall, Wide Traffic Circles Constructed in Flagrant Disregard of Regulations.

इंजीनियरिंग का ब्लाइंड स्पॉट, शहर के चौराहे बने जानलेवा नियमों को ताक पर रखकर बना दिए ऊंचे चौड़े सर्कल

भीलवाड़ा शहर के यातायात को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए बनाए गए चौराहे अब शहरवासियों की जान के दुश्मन बन गए हैं। इनके निर्माण में इंडियन रोड कांग्रेस के तय नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। शहर के कई सर्कल इतने ऊंचे और चौड़े बना दिए गए हैं कि वाहन चालकों को सामने से आ रहा वाहन नजर ही नहीं आता। हर दिन इन ब्लाइंड स्पॉट्स पर बड़े हादसों का साया मंडरा रहा है। इससे यह गंभीर सवाल उठता है कि आखिर इन अंधे चौराहों की डिजाइन किस इंजीनियर ने पास की है। ऐसे सर्कलों को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

प्रमुख चौराहे जो बने जानलेवा ब्लाइंड स्पॉट

पुर रोड स्थित परिवहन कार्यालय के पास बना सर्कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसकी ऊंचाई नियमों से इतनी अधिक है कि इसके आर-पार देखना नामुमकिन है। इसी तरह, मंगल पांडे सर्कल और गोल प्याऊ चौराहा स्थित सर्कल की बेतहाशा ऊंचाई भी यातायात सुरक्षा पर भारी पड़ रही है।

हादसों को न्योता देते मुख्य कारण

इन चौराहों की ऊंचाई पहले ही ज्यादा है, उस पर अवैध रूप से होर्डिंग लगा दिए गए हैं। इससे विजिबिलिटी पूरी तरह खत्म हो गई है और नगर निकाय को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नियमानुसार सर्कल के अंदर समतल गोलाई में घास व पौधे लगाए जाने चाहिए, लेकिन भीलवाड़ा में इसके ठीक विपरीत काम हुआ है। सर्कल के अंदर रैंप के आकार में मिट्टी भर दी गई है। इस मिट्टी पर लगे पौधों के कारण ऊंचाई और बढ़ गई है। वहीं, सर्कल के चारों तरफ कटीले तार बांधकर इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है।

हटाएंगे अवैध होर्डिग व झांडि़या

दिगंबर आचार्य विद्या सागर महाराज के नाम से बने सर्कल पर लगे अवैध होर्डिग को हटाएं जाएंगे। वही इसमें अगर घास व झांडि़या फैल गई है तो उसे हटाया जाएगा। सर्कल के अंदर समतल के बजाय रैंप के आधार पर मिट्टी पहले ही भर दी गई थी।

- रोहित चौबीसा, सहायक अभियंता, नगर विकास न्यास