नशे में गवाही देने अदालत पहुंचने का मामला:  सिपाही समर्पण के बाद बोला इसलिए नहीं पहुंचा अदालत, कारण जानकर आप भी चौक जाएंगे

नशे में गवाही देने अदालत पहुंचने के मामले में स‍िपाही नेे कोटड़ी न्यायिक मजिस्ट्रेेेट की अदालत में समर्पण कर दिया।

By: tej narayan

Published: 24 May 2018, 08:26 PM IST

कोटड़ी।

जिस पुलिसकर्मी को दो दिन से कोटड़ी थाना पुलिस तलाश नहीं कर पाई। उसने गुरुवार को कोटड़ी न्यायिक मजिस्ट्रेेेट की अदालत में समर्पण कर दिया। सिपाही रामेश्वरलाल सोनी ने कहा कि वह बेहोश हो गया था और अस्पताल में भर्ती था। एेसे में अदालत में हाजिर नहीं हो पाया। अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

 

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जानकारी के अनुसार कोटड़ी थाने का सिपाही रामेश्वरलाल सोनी एक मामले में गवाही देने के लिए मंगलवार को कोटड़ी न्यायिक मजिस्ट्रेेेट की अदालत पेश हुआ। अधिवक्ता शिवप्रकाश भट्ट उससे जिरह कर रहे थे। इस दौरान रामेश्वरलाल के मुंह से शराब की बदबू आई। न्यायिक मजिस्ट्रेेेट ने मेडिकल कराने के आदेश दिए। कोर्ट कर्मचारी और डॉक्टर मेडिकल कराने अस्पताल ले गए थे तो वहां से सिपाही रामेश्वर भाग गया।

 

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अदालत ने थानाधिकारी को बुधवार दोपहर तक गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश दिए थे। लेकिन थानाधिकारी भंवरसिंह गौड़ उसे तलाश नहीं कर पाए। इस बीच गुरुवार साढ़े दस बजे सिपाही रामेश्वर ने अदालत में समर्पण कर दिया। उसे न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। सिपाही के अधिवक्ता ने जमानत का प्रार्थना पत्र लगाया।


रास्ते में बेहोश हुआ, निजी अस्पताल में भर्ती था

प्रार्थना पत्र में सिपाही ने कहा कि मेडिकल कराने जाने के दौरान रास्ते में बेहोश हो गया था। उसे कुछ लोगों ने भीलवाड़ा में निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे गुरुवार सुबह होश आया। इस पर वह अदालत में पेश हुआ। अदालत ने फरार होने के मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए कोर्ट ने सिपाही को तीन जुलाई को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए।

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