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कंगाली के कगार पर प्रदेश के सहकारी बैंक, ऋण माफी के बदले राशि नहीं मिलने से बैंक चलाना मुश्किल

चुनावी साल में राज्य की भाजपा सरकार ने किसानों से वाह-वाही लूटने के लिए ऋण माफी की घोषणा तो कर दी

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Central bank verge of bankruptcy in bhilwara

Central bank verge of bankruptcy in bhilwara

भीलवाड़ा ।

चुनावी साल में राज्य की भाजपा सरकार ने किसानों से वाह-वाही लूटने के लिए ऋण माफी की घोषणा तो कर दी, लेकिन बैंकों को इसके बदले पुन: राशि नहीं मिल रही है। इससे केन्द्रीय सहकारी बैंक कंगाली के कगार पर आ गए हैं। सरकार ने प्रदेश के 30 लाख किसानों के 50-50 हजार रुपए तक के ऋण माफी के नाम पर आठ हजार करोड़ के ऋण माफ कर दिए। इसके बदले सरकार बैंकों को दो हजार करोड़ ही दे पा रही है, जबकि इन्हें चलाने के लिए ६ हजार करोड़ की और आवश्यकता होगी। राशि नहीं मिलने पर बैंक चलाना मुश्किल होगा।

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सरकार ने वर्ष 2017 के बजट में सभी किसानों के बकाया 50 हजार रुपए तक के ऋण माफी की घोषणा की थी।
इस घोषणा की अनुपालना में इन दिनों ग्राम सहकारी समितियों पर ऋण माफी शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे एक समिति पर कम से कम 25 हजार रुपए का अतिरिक्त भार पड़ रहा है, जबकि बदले में राशि भी नहीं मिल पा रही है।
सहकारी बैंक में राशि न होने पर किसानों को मांग के अनुरूप ऋण नहीं मिल रहा है। वित्त विभाग व सरकार के बीच राशि को लेकर चल रहा विवाद अभी तक समाप्त नहीं हुआ है।

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सौ करोड़ बकाया
राज्य सरकार पिछले चार वर्षों में अपनी बजट घोषणा में किसानों को कई लाभ दिए है। इसके बदले सीसीबी को होने वाली हानि की क्षति पूर्ति राशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन सरकार ने दिया था। लेकिन प्रदेश के कई सहकारी बैंकों को वह राशि नहीं मिली है। इन बैंकों के सरकार में सौ करोड़ बकाया है।
भीलवाड़ा सीसीबी में भी वर्ष 2011-12 से 2015-16 की बजट घोषणाओं के अनुसार क्षतिपूर्ति की 569.72 लाख का पुनर्भरण अब तक नहीं मिल पाया है। सहकार संघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पुरोहित का कहना है कि किसानों के अब 50 हजार तक के ऋण माफी से बैंकों की हालात और दयनीय होगी।


जिले की स्थिति
351 -ग्राम सहकारी समितियां
1.21 -लाख किसान
310 -करोड़ रुपए का ऋण होगा माफ


वर्तमान माफी
30500किसानों को ऋण माफी
86.25 करोड़ के प्रमाण पत्र जारी
44करोड़ रुपए बैंक को पुन: मिले

तीन सौ करोड़ की होगी ऋण माफी
सरकार के आदेश पर जिले के 1.6 लाख किसानों के खाते में 28 जून तक 300 करोड़ तक के ऋण माफी के जमा खर्च कर दिए जाएंगे। सरकार से अब तक 44 करोड़ रुपए मिले है। शेष राशि भी शीघ्र मिलने की संभावना है। राशि मिलने के साथ ही उसी अनुरूप किसानों को ऋण वितरण का कार्य जारी है।
अनिल काबरा, प्रबन्ध निदेशक सीसीबी