
रामलला विग्रह में विष्णु 10 अवतार जैसी प्रतिमा भीलवाड़ा में
भीलवाड़ा. अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा में होने वाली मूर्ति में चारों ओर विग्रह में भगवान विष्णु के 10 अवतार है। इसी तरह की प्रतिमा भीलवाड़ा के चारभुजानाथ मंदिर में चारभुजा नाथ के भी आभामंडल में भगवान विष्णु के दस अवतार मूर्ति के विग्रह के चारों ओर स्थापित है। रामलला की मूर्ति भी काले पत्थर से बनाई गई है। यह भी एक संयोग ही है की बड़ा मंदिर चारभुजा की मूर्ति भी काले पत्थर की है।
ट्रस्ट मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने बताया कि मूर्ति के चारों ओर भगवान विष्णु के 10 अवतार बहुत कम देखने को मिलते हैं। शास्त्रों के अनुसार जिनमें यह देखने को मिलते हैं वह वास्तव में चमत्कारिक मूर्ति होती है। रामलाल के विग्रह व भीलवाड़ा के बड़ा मंदिर स्थित चारभुजा नाथ के विग्रह में 10 अवतारों मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन ,परशुराम राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्की के साथ ही स्वास्तिक, ओम, चक्र, सूर्य भगवान आदि भी चारभुजा नाथ के विग्रह में शामिल है। बड़ा मंदिर में भगवान श्री चारभुजा नाथ की प्राण प्रतिष्ठा 9 मई 1731 बुधवार मिति वैशाख शुक्ल तृतीया संवत 1788 को हुई थी। मेवाड़ के मुख्य दीवान श्रीसदाराम देवपुरा ने मंदिर का निर्माण कराकर 28 वर्ष तक अपनी देखरेख में सेवा पूजा के बाद मंदिर व अन्य संपदाओं को माहेश्वरी समाज के पंचों को सुपुर्द कर दिया। श्री चारभुजा नाथ की 3 फीट ऊंचाई की मूर्ति बड़ी मनोहरी व आकर्षक है। यह सभी सनातन धर्मालंबियों का आस्था का केंद्र है।
Published on:
21 Jan 2024 08:37 pm
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