भीलवाड़ा. चारभुजा मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में फाल्गुन की अमावस्या पर भगवान चारभुजानाथ मंगलवार शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से भक्तों संग होली खेलने शहर भ्रमण पर निकले। वे करीब 15 घंटे नगर भ्रमण के बाद बुधवार सुबह साढ़े सात बजे फिर मंदिर में विराजमान होंगे।
ठाकुरजी का बेवाण शाम को नगर भ्रमण पर निकला तो भक्तों ने जगह-जगह आरती उतारी। उनके साथ होली खेली। होली के गीतों पर महिलाएं नृत्य कर चल रही थी तो पुरुष व युवतियां गुलाल उड़ा रहे थे। बेवाण पर विराजित भगवान के जयकारे लग रहे थेद्य। इससे पहले ट्रस्ट ने शिखर पर ध्वजा अर्पण कर छप्पन भोग लगाया। दोपहर में चारभुजानाथजी की आरती उतारी व प्रसाद का वितरण किया।
फूलडोल महोत्सव के तहत चारभुजानाथ का बेवाण रात भर भीलवाड़ा शहर में भक्तों के घर पहुंचा। घर-घर में परिवारों ने चारभुजानाथजी की आरती उतारी। बेवाण में आगे सजी-धजी घोड़ियां व पीछे बैंड की धुन पर होली के गीत बज रहे थे। कुछ लोग भजन गाते चल रहे थे। भगवान का बेवाण बड़े मंदिर से निकला। धानमंडी, सांगानेरी गेट सर्राफा बाजार होते बुधवार सुबह 7:30 बड़ा मंदिर पहुंचेगा। चैत्र शुक्ला प्रतिपदा हिंदी नववर्ष पर बेवाण निज मंदिर पहुंचेगा, जहां शोभायात्रा का मंदिर में स्वागत किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने बताया कि ट्रस्ट अध्यक्ष उदयलाल समदानी, मंत्री छीतरमल डाड, संरक्षक रामेश्वर तोषनीवाल, बंशीलाल सोडाणी, रामस्वरूप तोषनीवाल, रतन पटवारी, प्रमोद डाड, प्रशांत समदानी, कैलाश मारोठिया, कैलाश भदादा आदि मौजूद थे। छप्पन भोग में अशोक बाहेती, रमेश राठी, देवेंद्र सोमानी, अरुण देवपुरा, केदार गगरानी, संजय जागेटिया आदि उपस्थित थे।